सरला बिरला में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस‘ का आयोजन : स्वामी विवेकानंद और बी. के. बिड़ला जी को श्रद्धा व गरिमा के साथ किया गया याद

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sarla birla mai 'rashtriye youva diwas' ka aayojan

रांची : सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस को विशेष प्रातःकालीन सभा के माध्यम से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया. इस अवसर पर भारत के महान आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक एवं युगप्रेरक युवा-आइकन स्वामी विवेकानंद जी को सादर नमन किया गया.

सभा के दौरान स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों एवं शिक्षाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया. विद्यार्थियों ने युवा सशक्तिकरण,आत्मविश्वास और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े उनके विचारों पर प्रेरणादायी भाषण दिए,जो आज भी पीढ़ियों को दिशा और प्रेरणा प्रदान करते हैं. वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण का विशेष उल्लेख किया गया,जिसने भारत की आध्यात्मिक विरासत और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को वैश्विक पहचान दिलाई.

सभा के एक विशेष खंड में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से जुड़ी एक प्रेरणादायक घटना प्रस्तुत की गई. विद्यार्थियों ने बताया कि उनके ऐतिहासिक शब्द -“सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका”पर मिली गगनभेदी तालियाँ साहस,विश्वास और उद्देश्य की स्पष्टता की अद्भुत शक्ति का प्रतीक बन गई थीं.

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत श्रद्धेय बी. के. बिड़ला जी की जयंती को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया. शिक्षा,स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में आजीवन समर्पित एक महान परोपकारी के रूप में उन्हें भावभीनी श्रद्धा के साथ नमन किया गया. उनके जीवन और योगदान को सम्मानित करने हेतु एक भावनात्मक श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया.

विद्यार्थियों द्वारा बी. के. बिड़ला जी के जीवन पर आधारित संक्षिप्त किंतु सारगर्भित परिचय प्रस्तुत किया गया,जिसमें उनकी सादगी,सत्यनिष्ठा,दूरदृष्टि और समाज-सेवा के मूल्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया.

विद्यालय की प्राचार्या मनीषा शर्मा ने राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया. उन्होंने चरित्र-निर्माण,नैतिक मूल्यों,अनुशासन और आत्मविश्वास के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद जी एवं श्रद्धेय बी. के. बिड़ला जी के आदर्शों का अनुसरण कर जिम्मेदार,आत्मनिर्भर और संवेदनशील नागरिक बनने का आह्वान किया.

सभा का समापन प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ. इस आयोजन ने विद्यार्थियों के मन में सेवा, नेतृत्व और उत्कृष्टता के मूल्यों के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया. इस आयोजन ने यह बात रेखांकित की कि मूल्यनिष्ठ युवा ही राष्ट्र के विकास और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं.