रौशन आनंद की गिरफ्तारी मामला : NHRC ने पटना पुलिस को भेजा नोटिस,2 सप्ताह में मांगा जवाब
BIHAR NEWS:रौशन आनंद की गिरफ्तारी का मामला अब और गंभीर हो गया है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पटना पुलिस को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है. आयोग ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया और लगाए गए आरोपों पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
यह कार्रवाई मानवाधिकार कार्यकर्ता और ह्यूमन राइट्स अम्ब्रेला फाउंडेशन के चेयरमैन विशाल रंजन दफ्तुआर की शिकायत पर की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया. शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य और निष्पक्ष जांच के बिना जल्दबाजी में कार्रवाई की.
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि रौशन आनंद गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं,इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी के दौरान मानवीय पहलुओं की अनदेखी की गई. आरोप है कि उन्हें एक तरफा तरीके से आरोपी बनाया गया और पूरे मामले में निष्पक्षता नहीं बरती गई.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रारंभिक जांच में पाया कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं. इसी आधार पर आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस प्रशासन को गिरफ्तारी से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी निर्धारित समय सीमा के अंदर उपलब्ध करानी होगी.
गौरतलब है कि रौशन आनंद का नाम हाल ही में पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में सामने आया था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी। अब NHRC की दखल के बाद इस मामले पर राज्यभर की नजरें टिकी हैं। आयोग की रिपोर्ट और पुलिस के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी, जिससे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।