रांची : महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस का हमला,बीजेपी पर दुष्प्रचार का आरोप
रांची:महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रितु चौधरी और मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा और मीडिया चेयमैन सतीश पॉल मुंजनी के साथ प्रदेश प्रवक्ता सोनल शांति मौजूद रहे.
दुष्प्रचार फैलाने का आरोप
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने रितु चौधरीकहा कि महिला आरक्षण को लेकर देश में कांग्रेस के खिलाफ सुनियोजित दुष्प्रचार फैलाया जा रहा. उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनावी माहौल में लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे को सनसनीखेज तरीके से पेश किया गया.
2023 में पास हो चुका है बिल
कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पूरे समर्थन के साथ संसद से पास हो चुका है और यह कानून बन चुका है. पार्टी का कहना है कि वह शुरू से ही इस बिल को तुरंत लागू करने की मांग करती रही है.
बीजेपी की मंशा पर सवाल
प्रेस वार्ता में कहा गया कि बिल को लागू करने को लेकर बीजेपी की न पहले मंशा थी और न आगे दिख रही है। कांग्रेस का आरोप है कि महिला आरक्षण के नाम पर बीजेपी परिसीमन (डिलिमिटेशन) को आगे बढ़ाना चाहती थी।
परिसीमन पर हो व्यापक चर्चा
विपक्ष का कहना है कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए. जबकि, बिना विस्तृत विचार-विमर्श के इसे लागू करना उचित नहीं होगा.
महिलाओं के अधिकार पर कांग्रेस का दावा
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी अपने गठन के समय से ही महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ती रही है. राजीव गांधी के समय पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाया गया.
पुराने प्रयासों का जिक्र
प्रेस वार्ता में बताया गया कि 2017 में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण बिल लाने की मांग की थी. वहीं, 2018 में राहुल गांधी ने 32 लाख हस्ताक्षरों के साथ इस मुद्दें को उठाया था.
बीजेपी पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल
कांग्रेस ने मणिपुर, हाथरस और उन्नाव जैसे मामलों का जिक्र करते हुए बीजेपी पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए है. पार्टी ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार की चुप्पी चिंताजनक है.
2029 में सरकार बनाने का दावा
कांग्रेस ने भरोसा दिलाया है कि 2029 में उनकी सरकार बनने के बाद महिलाओं को पूरा सम्मान और अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को जल्द लागू करने की मांग की गई.