Hindi News / BPSC 70वीं परीक्षा के अंतिम परिणाम में प्रिया ने लाया 10वां रैंक

पूरे बिहार में दरभंगा की बेटी का डंका : BPSC 70वीं परीक्षा के अंतिम परिणाम में प्रिया ने लाया 10वां रैंक

Edited By:  |
pure bihar mein darbhanga ki beti ka danga

दरभंगा: बिहार की बेटी ने एक बार फिर पूरे राज्य का नाम रौशन किया है. बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में प्रिया ने पूरे बिहार में 10वां रैंक हासिल कर शानदार सफलता हासिल की है. प्रिया की कड़ी मेहनत और लग्न ने मिथिलांचल का मान बढ़ाया है. अहम बात यह है कि प्रिया ने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है. उनकी सफलता से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है.

प्रिया के घरों परबधाई देने वालों की लगी भीड़

शहर के लक्ष्मीसागर वार्ड संख्या-15 की रहने वाली प्रिया ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा में टॉप-10 में जगह बनाकर यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. परिणाम घोषित होते ही उनके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ जुट गई है. परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं.

प्रिया की शैक्षणिक यात्रा रहीकाफी प्रेरणादायक

प्रिया की शैक्षणिक यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है. प्रारंभिक शिक्षा पटना में हुई, इंटरमीडिएट की पढ़ाई दरभंगा से पूरी की फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की. विभिन्न शहरों में पढ़ाई के दौरान मिले अनुभवों ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में काफी मदद की.

प्रिया नेसफलता का श्रेयमां-बाप को दिया

वहीं, प्रिया का कहना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है. शॉर्टकट नहीं, बल्कि अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है. अपनी सफलता का श्रेय प्रिया ने अपनी मां ज्योति कुमारी, पिता सुभाष चंद्र, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है. उन्होंने अपने दिवंगत दादा श्याम बिहारी यादव को याद करते हुए कहा कि उनके संस्कार और आशीर्वाद हमेशा प्रेरणा देते रहे हैं.

करीब दो वर्षों तकचली चयन प्रक्रिया के बाद मिली सफलता

करीब दो वर्षों तक चली चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार जैसे कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए प्रिया ने बिहार में 10वां स्थान हासिल किया और दरभंगा का गौरव बढ़ाया.