NEET पेपर लीक पर राजनीति : इमरान प्रतापगढ़ी का हमला,बोले-शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रही केंद्र सरकार
रांची:कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला. रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है.
NEET छात्र के साथ प्रेस वार्ता में पहुंचे प्रतापगढ़ी
प्रेस वार्ता में एक NEET अभ्यर्थी भी मौजूद था. छात्र ने बताया कि उसके हॉस्टल में रहने वाला एक दोस्त NEET की तैयारी कर रहा था. उसके पिता ने जमीन बेचकर कोचिंग की फीस जमा की थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान है.
"23 लाख छात्र हुए प्रभावित"
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि NEET पेपर लीक से देश के करीब 23 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है.उन्होंने कहा कि परीक्षा पर प्रधानमंत्री ने कई बार चर्चा की, लेकिन पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई. अब चर्चा पेपर लीक रोकने की बजाय प्रश्नपत्रों को वायुसेना के विमान से भेजने पर हो रही है.
'केंद्र सरकार पर कटाक्ष'
केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए प्रतापगढ़ी ने कहा कि डायपर बदलने से दस्त नहीं रुकता. सरकार पेपर लीक रोकने की जगह वायुसेना के विमान से प्रश्नपत्र भेजने की चर्चा कर रही है. असली समस्या पेपर लीक माफिया और परीक्षा प्रणाली की खामियां हैं, जिन पर कार्रवाई की जरूरत है.
छात्रों की मौत पर जताया दुख
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि वे उन छात्रों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के कारण अपनी जान गंवाई है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कितने छात्रों की जान जाने के बाद शिक्षा मंत्री जिम्मेदारी लेंगे.
"धर्मेंद्र प्रधान तुरंत दें इस्तीफा"
कांग्रेस सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यह देश की मांग है. उन्होंने पूछा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पेपर लीक माफिया से क्या गठजोड़ है. यदि सरकार जवाबदेह है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग
प्रतापगढ़ी ने कहा कि केंद्र सरकार को परीक्षा का वार्षिक कैलेंडर जारी करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पेपर लीक मुक्त तरीके से आयोजित हों. इसके लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए.
"अब तक 90 पेपर लीक, जवाबदेह कौन?"
उन्होंने दावा किया कि अब तक देश में करीब 90 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसकी जवाबदेही किसकी है. कांग्रेस देश के 28 शहरों में इस मुद्दे को जनता के सामने उठा रही है और सरकार से जवाब मांग रही है.
कांग्रेस ने तय जवाबदेही की मांग उठाई
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पेपर लीक मुक्त परीक्षा कराने की जिम्मेदारी और जवाबदेही केंद्र सरकार को तय करनी होगी. छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
रांची से संवाददाता राहुल कुमार की रिपोर्ट