मंत्री श्रवण कुमार ने किया मलमास मेला का उद्घाटन : बोले-ज्ञान, तप, त्याग और शांति की भूमि है राजगीर
पटना : बिहार के ग्रामीण विकास एवं सूचना व जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने राजगीर के प्रसिद्ध मलमास मेला का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कहा कि राजगीर में मलमास मेले का आयोजन केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन संस्कृति, अध्यात्म, सामाजिक समरसता और लोक परम्पराओं का विराट उत्सव है.
मंत्री श्रवण कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा,स्वच्छता,स्वास्थ्य सेवाएं,पेयजल,यातायात और आवास की बेहतर व्यवस्था की है. हमारी सरकार का उद्देश्य यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को एक सुरक्षित,स्वच्छ और अध्यात्मिक वातावरण देना है.
श्रवण कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति भी अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस ऐतिहासिक मलमास मेले को राजकीय स्वरुप प्रदान कर इसकी गरिमा को एक नयी पहचान दी है. राजगीर का मलमास मेला बिहार में पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि राजगीर की धरती सदियों से ज्ञान,तप,त्याग और शांति का सन्देश देती रही है. यह वही पावन भूमि है,जहां भगवान बुद्ध ने तपस्या की,भगवान महावीर ने धर्म और करुणा का सन्देश दिया,सिख धर्म के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी ने यहां अपने चरण रखे और महान सूफी संत बाबा मखदूम शाह ने मानवता और प्रेम का सन्देश फैलाया. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि राजगीर को सभी धर्मो और संस्कृति की स्नागम भूमि कहा जाता है.
श्रवण कुमार ने कहा कि भारतीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मलमास मेले में 33 करोड़ देवी-देवताएं राजगीर में निवास करते हैं जिससे यह मेला आस्था और अध्यात्म का अद्भुत केंद्र बन जाता है. इस अवसर पर उन्होंने राजगीर वासियों से निवेदन किया कि वह इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक मेले की गरिमा बनाए रखें तथा आपसी प्रेम,सद्भावना और भाईचारे को और अधिक मजबूती प्रदान करें. यह मेला केवल बिहार की नहीं,बल्कि भारतवर्ष की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है. श्रवण कुमार ने मेला आयोजन समिति के साथ-साथ जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन,सफाई कर्मियों,स्वास्थ्य विभाग,स्वयंसेवी संगठनों और विशेषकर राजगीर वासियों को इस मेले का सफल आयोजन के लिए बधाई दी है.