JHARKHAND NEWS : किसकी शह पर चल रहा था खेल? सीआईडी के शिकंजे में परीक्षा उप नियंत्रक और अभय
झारखंड लोक सेवा यानी जेपीएससी (JPSC) परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सीआइडी (CID) की जांच लगातार तेज हो गई है। जांच में हर रोज सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं।एसपी पूज्य प्रकाश के नेतृत्व में गठित सात सदस्यीय एसआइटी (SIT) इस मामले की तह तक जाने में जुटी है। इस विशेष टीम में डीएसपी सरिता मुर्मू, नेहा बाला के साथ कई इंस्पेक्टर और दारोगा शामिल हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि एसआइटी ने अलग-अलग क्षेत्रों से परीक्षा से जुड़े 15 संदिग्धों को अपने निशाने पर लिया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।फिलहाल, जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड माने जा रहे अभय तिवारी, टीडीपीएस (TDPS) के निदेशक समेत कुछ अन्य लोगों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। एसआइटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये लोग किसके इशारे पर इतना बड़ा खेल खेल रहे थे। इसके अलावा, परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग के गिरफ्तार तीन कर्मचारियों—हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार को भी जल्द रिमांड पर लिया जाएगा।जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या परीक्षा के बाद सर्वर या ओएमआर (OMR) शीट में फेरबदल किया गया? क्या अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नौकरियां बांटी गईं? और क्या इसमें किसी बड़े अधिकारी की भूमिका भी संदेहास्पद है?
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब जेपीएससी के सदस्यों ने परिणामों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। 20 जून को सहायक लोक अभियोजक और 2 जुलाई को 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों पर जब सदस्यों ने सवाल उठाए, तब जाकर यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा और सीआइडी जांच के आदेश दिए गए।झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी जेएसएससी (JSSC) ने भी अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने साफ किया है कि विवादित एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) को पिछले साल 20 मई को ही सभी परीक्षाओं से हटाकर डी-एम्पैनल (De-empaneled) कर दिया गया था। जेएसएससी की आगामी या हाल की प्रमुख परीक्षाओं से इस एजेंसी का अब कोई लेना-देना नहीं है।