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JHARKHAND NEWS : देवघर में उमड़ा भक्तों का सैलाब: सिर्फ 14 दिन में बाबा बैद्यनाथ मंदिर को करोड़ों का दान

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बाबाधाम में सजा है दुनिया का सबसे अनूठा और ख्याति प्राप्त श्रावणी मेला! एक महीने तक चलने वाला आस्था का ऐसा सैलाब, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में नहीं मिलती। अगर भक्ति की असली पराकाष्ठा देखनी है, तो चले आइए बाबा बैद्यनाथ के दरबार में... जहां अजगैवीनाथ से देवघर तक की 105 किलोमीटर लंबी कठिन कांवर यात्रा, शिवभक्तों की अटूट निष्ठा की गवाह बनती है!भोलेनाथ के प्रति दीवानगी ऐसी है कि इस बार भक्तों ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब तक 28 लाख 33 हजार से ज्यादा श्रद्धालु जलार्पण कर चुके हैं। भीड़ को व्यवस्थित करने और समय बचाने के लिए शुरू की गई 'शीघ्रदर्शनम' (शीघ्र दर्शन सुविधा) इस बार वरदान साबित हो रही है।

अकेले 92,134 भक्तों ने इसका लाभ उठाया है।

डेडिकेटेड लाइन होने के कारण इस बार एक दिन में रिकॉर्ड 16 हजार भक्तों ने कूपन लेकर पूजा की है, जबकि पिछले साल 2024 में यह संख्या महज 6 से 7 हजार प्रतिदिन हुआ करती थी।कम समय में सुगम दर्शन पाकर देश के कोने-कोने से आए भक्त गदगद हैं।पूर्णिया के श्याम किशोर,सिल्लीगुड़ी के विकास कुमार, औरपटना के आशुतोष कुमार सिंह जैसे श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार की व्यवस्था बेहद शानदार है, जिससे समय की भारी बचत हो रही है।इस आधुनिक और सुगम व्यवस्था का सीधा असर मंदिर के खजाने पर भी पड़ा है। केवल शीघ्रदर्शनम की कूपਨ बिक्री से मंदिर को 3 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक की आय हो चुकी है।अनुमान है कि अगर यही रफ्तार रही, तो इस पूरे एक महीने में मंदिर की कुल कमाई 5.50 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगी।मंदिर प्रबंधन को अलग-अलग माध्यमों से जो चढ़ावा और राजस्व प्राप्त हुआ है, उसका ब्योरा कुछ इस प्रकार है:

रसीद और सिक्के: 18 लाख 50 हजार से अधिक

विकास बॉक्स: 22 लाख 88 हजार

बाबा मंदिर: 7 लाख 60 हजार

पार्वती मंदिर: 6 लाख 74 हजार इसके अलावा अन्य मंदिरों, रात्रि पूजन, बाह्य अरघा और अन्य स्रोतों से भी मंदिर के कोष में लगातार सहयोग पहुंच रहा है।भक्ति, व्यवस्था और आधुनिक तकनीक का यह अनूठा संगम बाबा बैद्यनाथ के इस पावन श्रावणी मेले को और भी खास बना रहा है। देश के कोने-कोने से पहुंचे सेवादार डॉक्टर, स्वयंसेवक और प्रशासन इस महाकुंभ को सफल बनाने में जुटे हैं।