JHARKHAND NEWS : धनबाद में ईडी का बड़ा एक्शन: 25 ठिकानों पर छापेमारी, 1.20 करोड़ नकद और 100 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का खुलासा
झारखंड के धनबाद में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने एक साथ दर्जनों ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात तक चली, जिससे कोयला कारोबारियों और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।इस बड़ी कार्रवाई के दायरे में डीके सिंह, रितेश शर्मा, रंजीत कुमार सिंह, सीए डीएन सिन्हा एंड कंपनी, हरेंद्र चौहान, अरुण चौहान, गणेश यादव, इम्तियाज अली, रोहित यादव, माधव सिंह, लक्ष्मण दूबे, पप्पू मंडल, महेंद्र प्रसाद सिंह और विशाल समेत कई नाम शामिल रहे। इसके अलावा महुदा हार्ड कोक के शांति भवन कार्यालय, टिकियापाड़ा के साबिर आलम, विजय पासवान, सुभाष साव और शेखर यादव के ठिकानों पर भी एक साथ जांच-पड़ताल की गई।सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर यह है कि ईडी की इस कार्रवाई में भारी सफलता हाथ लगी है। छापेमारी के दौरान 1 करोड़ 20 लाख रुपये नकद के साथ-साथ 100 करोड़ से अधिक की बेनामी चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा टीम अपने साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी जब्त कर ले गई है।छापेमारी के दौरान कई दिलचस्प और तनावपूर्ण वाकये भी सामने आए:
नालंदा कॉटेज में माधव सिंह के आवास तक पहुंचने में ईडी टीम को सही मकान की पहचान करने में कुछ देर परेशानी हुई। इसके बाद टीम पड़ोसी की छत के रास्ते आगे बढ़ी और पीछे के दरवाजे से घर में प्रवेश किया।
कनकनी (लोयाबाद): डिप्टी मेयर अरुण चौहान और उनके भाई हरेंद्र चौहान के आवास पर करीब 13 घंटे तक लंबा सर्च ऑपरेशन चला। हालांकि, कार्रवाई के वक्त दोनों भाई घर पर मौजूद नहीं थे।
चासनाला और लोदना: कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष इम्तियाज अली के घर से कई दस्तावेज मिले और दो लोगों को टीम अपने साथ ले गई। वहीं, लोदना के हुचुकटांड़ में पूर्व राजद नेता गणेश यादव के आवास से एक लाख से अधिक नकद और कागजात बरामद किए गए।कपुरिया में गोयल कंपनी, बैंकमोड़ स्थित शांति भवन, गोविंदपुर में अकाउंटेंट रितेश शर्मा, और बाघमारा से चुनाव लड़ चुके रोहित यादव व लक्ष्मण दूबे के ठिकानों पर भी घंटों कड़ाई से पूछताछ और तलाशी ली गई। रंजीत कुमार सिंह के घर पर दरवाजा न खुलने पर काफी देर तक समझाइश का दौर चला।
ईडी की इस कार्रवाई के बाद धनबाद के कोयला कारोबारियों और कई राजनीतिक दलों के नेताओं में गहरी खलबली मची हुई है। छापेमारी की भनक लगते ही कई लोग मौके से फरार भी हो गए। फिलहाल, इस बड़ी कार्रवाई के बाद धनबाद के सियासी और कारोबारी हलकों में सनसनी फैली हुई है और आगे की खुलासों का इंतजार किया जा रहा है।
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