JHARKHAND NEWS : झारखंड हाईकोर्ट ने SAR अधिकारी के 38 साल पुराने आदेश को ठहराया वैध
झारखंड हाईकोर्ट से जमीन विवाद को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने करीब आठ दशक यानी 80 साल पुराने सीएनटी (CNT) भूमि विवाद पर सुनवाई करते हुए साफ कहा है कि—जो मामले पहले ही सुलझ चुके हैं, उन्हें सालों बाद दोबारा नहीं खोला जा सकता।पूरा मामला रांची जिले के चान्हो स्थित एक जमीन से जुड़ा है। अदालत ने 19 साल बाद दोबारा शुरू की गई एसएआर (SAR) कार्यवाही को पूरी तरह अवैध करार दिया है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि 40 से 50 साल पुराने मामलों को फिर से खोलना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है।
अदालत ने साल 2008 में अतिरिक्त समाहर्ता और प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा पारित आदेशों को निरस्त कर दिया है और साल 1988 के मूल आदेश को ही अंतिम और वैध माना है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता अमर कुमार चौधरी की रिट याचिका को स्वीकार कर लिया गया है।झारखंड हाईकोर्ट के इस फैसले ने कानून का एक बड़ा सिद्धांत साफ कर दिया है—'कानूनी निश्चितता'। अगर किसी मामले का फैसला हो चुका है और सालों तक उसे चुनौती नहीं दी गई, तो एक लंबे अंतराल के बाद उसे दोबारा शुरू कर लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता। इस फैसले से उन हजारों लोगों को राहत मिलेगी जो दशकों पुराने भूमि विवादों का सामना कर रहे हैं।