FCI गोदाम से सीधे PDS दुकानों तक पहुंचेगा अनाज : झारखंड में अगस्त से शुरू होगी डायरेक्ट डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था
रांची: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत झारखंड में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से सीधे जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों तक अनाज पहुंचाया जाएगा. राज्य सरकार अगस्त महीने से डायरेक्ट डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था लागू करने जा रही है. इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रांची, धनबाद और जमशेदपुर के शहरी एवं नगर निगम क्षेत्रों से होगी. इस संबंध में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया.
पहले चरण में 1319 पीडीएस दुकानों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत पहले चरण में रांची, धनबाद और जमशेदपुर की कुल 1319 पीडीएस दुकानों तक एफसीआई गोदामों से सीधे अनाज पहुंचाया जाएगा. अब तक एफसीआई से अनाज पहले झारखंड राज्य खाद्य निगम (जेएसएफसी) के गोदामों में पहुंचता था और वहां से पीडीएस दुकानों तक भेजा जाता था. नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह अतिरिक्त प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी. रांची शहरी क्षेत्र की 609 दुकानों, धनबाद की 626 दुकानों और जमशेदपुर के 484 पीडीएस दुकानों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा. रांची में एफसीआई गोदाम से 15 किलोमीटर और धनबाद में 20 किलोमीटर की दूरी तक स्थित दुकानों को प्राथमिकता दी गई है.
नई व्यवस्था का विरोध,मजदूरों ने जताई बेरोजगारी की आशंका
इधर,झारखंड राज्य खाद्य निगम के कडरू गोदाम में वर्षों से कार्यरत मजदूरों ने डायरेक्ट डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था पर आपत्ति जताई है. मजदूरों ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि नई व्यवस्था लागू होने से कडरू गोदाम में वर्ष 1987 से कार्यरत बड़ी संख्या में मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा. मजदूरों के सरदार अरुण कुमार ने कहा कि सरकार को नई व्यवस्था लागू करने से पहले मजदूरों के हितों और उनके भविष्य पर भी विचार करना चाहिए.