दुमका में गरजे चम्पाई सोरेन : फूलो झानो मेडिकल कॉलेज के नाम बदलने पर सरकार को घेरा,दी चेतावनी
दुमका: फूलो झानो मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने पर सियासत तेज हो गई है. फूलो झानो मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर “गवर्नमेंट हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज” किए जाने के मुद्दें ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है. शुक्रवार को दुमका प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन, स्थानीय मांझी बाबा, युवाओं और रैयतों के साथ अस्पताल पहुंचे और वहां सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई. चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासी महापुरुषों के सम्मान को मिटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और पहचान पर हमला है.
मेडिकल कॉलेज के नाम बदलने पर घमासान
चम्पाई सोरेन ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगामी 30 जून तक मेडिकल कॉलेज के नाम में फिर से फूलो झानो मुर्मू का नाम नहीं जोड़ा गया तो आदिवासी समाज के हजारों लोग खुद पहुंचकर नाम सुधारने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि किसी संस्थान का नाम महापुरुषों के सम्मान में रखा जाता हैं, लेकिन बिना सूचना के नाम हटाना सरकार की मंशा को साफ दर्शाता है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने इतिहास और महापुरुषों के सम्मान के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा और इस मुद्दें पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा.
'आदिवासी परंपराओं के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार गंभीर'
इस दौरान चम्पाई सोरेन ने केंद्र सरकार की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम में केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी से आदिवासी समाज को बाहर रखा जाएगा,ताकि उनकी पारंपरिक जीवनशैली, संस्कृति और रूढ़िजन्य परंपराओं का संरक्षण किया जा सके. उन्होंने इसे आदिवासी समाज के हित में बड़ा कदम बताया है.