बिहार में घर बनाना हुआ महंगा : बालू-सीमेंट-एल्युमीनियम के बढ़ते दामों से मध्यम वर्ग परेशान
पटना समेत पूरे बिहार में घर बनाने का सपना अब लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगा है। बालू, सीमेंट और एल्युमीनियम की लगातार बढ़ती कीमतों ने निर्माण कार्य की लागत में बड़ा इजाफा कर दिया है। सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है, जो सीमित बजट में घर बनाने की योजना कर रहे थे।
निर्माण सामग्री कारोबारियों के अनुसार मानसून से पहले बालू की मांग अचानक बढ़ गई है। वहीं 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर संभावित रोक को लेकर बाजार में अभी से अस्थिरता दिखने लगी है। 15 दिन पहले तक 5000 से 5500 रुपये में मिलने वाली एक ट्रैक्टर बालू अब 7000 से 8000 रुपये तक पहुंच गई है। कई इलाकों में इससे भी अधिक कीमत वसूली जा रही है।
लोगों का आरोप है कि कृत्रिम कमी दिखाकर ट्रैक्टर संचालक और अवैध कारोबार से जुड़े लोग मनमाने दाम वसूल रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई जगह बिल तक नहीं दिया जा रहा।सीमेंट की कीमतों में भी पिछले महीनों में 40 से 50 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं एल्युमीनियम के दाम में करीब 70 प्रतिशत तक उछाल बताया जा रहा है। इसका असर खिड़की, दरवाजे और अन्य फिटिंग सामग्री पर साफ दिखाई दे रहा है।
कारोबारियों का कहना है कि पेट्रोलियम संकट और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन प्रभावित होने से बाजार में महंगाई बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मानसून के दौरान सप्लाई और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई तो आने वाले महीनों में निर्माण लागत और बढ़ सकती है।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट