बिहार शिक्षा विभाग में 7 निदेशालयों की समीक्षा : योजनाओं,बजट खर्च और लापरवाही पर होगी कड़ी निगरानी,बनेगी प्रगति रिपोर्ट
पटना:शिक्षा विभाग के सात निदेशालयों के कामकाज की अब व्यापक समीक्षा होगी. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सभी निदेशालयों के कार्यों की पड़ताल करेंगे. समीक्षा के जरिए विभागीय योजनाओं की प्रगति, निर्देशों के अनुपालन और निर्धारित लक्ष्यों की स्थिति का आकलन किया जाएगा.
प्राथमिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा समेत सात निदेशालयों के कामकाज को समीक्षा के दायरे में रखा गया है. इस दौरान विभाग की ओर से जारी निर्देशों का कितना अनुपालन हुआ, इसकी जानकारी ली जाएगी. साथ ही विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके लिए आवंटित बजट के खर्च की भी समीक्षा होगी.
शिक्षा मंत्री यह भी देखेंगे कि योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू किया जा रहा है या नहीं. अनावश्यक देरी और समय पर काम पूरा नहीं करने वाले निदेशालयों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रहेगी.विभागीय मानक संचालन प्रक्रियाओं यानी एसओपी के पालन की स्थिति की भी जांच की जाएगी.
समीक्षा में फीडबैक मैकेनिज्म को भी शामिल किया गया है. विभाग यह जानने की कोशिश करेगा कि योजनाओं और सेवाओं को लेकर मिलने वाली शिकायतों और सुझावों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। समीक्षा के आधार पर प्रत्येक निदेशालय की अलग-अलग प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
कामकाज में लापरवाही बरतने या निर्धारित लक्ष्य से पीछे रहने वाले निदेशालयों पर विशेष फोकस रहेगा. शिक्षकों के प्रशिक्षण, योजना प्रबंधन और आधारभूत संरचना से जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की जाएगी. विभाग का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ छात्रों और शिक्षकों को सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है. माना जा रहा है कि समीक्षा के बाद कमजोर प्रदर्शन वाले निदेशालयों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा सकते हैं.