BIHAR NEWS : 10वीं पास? 3.5 महीने में शिप मास्टर! देश का इकलौता निनि इंस्टीट्यूट

Edited By:  |
bihar news

पटना : पटना के गायघाट इलाके में गंगा के किनारे लगभग7एकड़ में फैला हुआ एक ऐसा संस्थान है,जो अंतर्देशीय जल यात्रा के लिए युवाओं को तैयार कर रहा है. राष्ट्रीय अंतर्देशीय नेविगेशन संस्थान (निनि),देश का एकमात्र केंद्रीय संस्थान है,जहां नाविकों को सर्टिफाइड प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां से निकले युवा आज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में पानी का जहाज चलाने का जिम्मा संभाल रहे हैं.

इस संस्थान की स्थापना वर्ष2004में हुई थी. पिछले पांच वर्षों में यहां से2300से अधिक छात्र-छात्राओं ने सफल प्रशिक्षण लिया है.

निनि के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. कैप्टन इंद्रवीर सोलंकी ने बताया कि इस संस्था‌न का मकसद सिर्फ प्रशिक्षण देना नहीं,बल्कि ऐसे नाविक तैयार करना है जो किसी भी परिस्थिति में किसी भी जहाज को सुरक्षित तरीके से चला सकें.

साढ़े तीन महीने का जीपी रेटिंग कोर्स

यहां साढ़े तीन महीने का जीपी रेटिंग (जनरल पर्पज रेटिंग) कोर्स होता है,जिसके लिए न्यूनतम योग्यता10वीं पास है और उम्र18से25वर्ष तक निर्धारित है. कोर्स की फीस लगभग35,200रुपये है. हर बैच में सिर्फ30सीटें होती हैं. आवेदन और प्रवेश परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित की जाती है.

इनलैंड वेसल का मास्टर बनने का मौका

जीपी रेटिंग पूरा करने के बाद उन्हें तीन साल शिप पर अनुभव प्राप्त करना होता है,जिसके बाद वे आगे मास्टर लाइसेंस की परीक्षा दे सकते हैं. सफल छात्र300टन तक के इनलैंड वेसल पर मास्टर बन सकते हैं. संस्थान100प्रतिशत प्लेसमेंट का दावा करता है.

प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि पासआउट छात्र विभिन्न जहाजों और जल परिवहन कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं. कुछ अंडमान में शिप पर नौकरी कर रहे हैं.

देशभर के बच्चे ले रहे दाखिला

उन्होंने आगे कहा कि निनि पूरे देश से आवेदन आमंत्रित करता है. मौजूदा जीपी रेटिंग कोर्स में बिहार,पश्चिम बंगाल,‌उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड,दिल्ली,अंडमान सहित अन्य राज्यों के छात्र हैं‌. इन्हें शिप में काम करने के लिए थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है. इसके लिए दो ट्रेनिंग वेसल उपलब्ध हैं- एक छोटा और एक बड़ा. स्विमिंग,वर्कशॉप,सिम्युलेटर और अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस वातावरण में ट्रेन्ड किया जाता है ताकि वे शिप में किसी भी परिस्थिति में काम कर सकें.

शिप‌ के लिए बेसिक सेफ्टी कोर्स

संस्थान में बेसिक सेफ्टी कोर्स भी करवाया जाता है,जिसमें फायर प्रिवेंशन एंड फाइटिंग,फर्स्ट एड,पर्सनल सर्वाइवल टेक्निक्स,स्विमिंग,पर्सनल सेफ्टी और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. छात्रों को एटीट्यूड ट्रेनिंग भी दी जाती है. उन्हें शिप की असली जिंदगी समझाने के लिए रोटेशन के आधार पर कैंटीन का काम भी सिखाया जाता है.

लैंग्वेज लैब की होगी शुरुआत

डॉ. सोलंकी ने बताया कि संस्थान में सेरांग,मास्टर (इनलैंड वेसल) और इंजन ड्राइवर जैसे अन्य कोर्स भी चलाए जाते हैं. आने वाले दिनों में यहां लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएगी,जहां अंग्रेजी के अलावा एक अतिरिक्त भाषा की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि छात्र अन्य राज्यों में भी आसानी से रोजगार पा सकें.

सेफ स्वीमिंग प्रोग्राम के तहत आपदा मित्रों को ट्रेनिंग

निनि सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है. यह सेफ स्वीमिंग प्रोग्राम के तहत बिहार और उत्तर प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग को तैराकी ट्रेनिंग देता है. बाढ़ प्रभावित जिलों के आपदा मित्रों को ट्रेन किया जाता है,जो आगे बच्चों को तैरना सिखाते हैं.

संस्थान बीएसएफ के वाटर विंग में सिपाही,हेड कांस्टेबल और एसआई बनने के अवसर भी प्रदान करता है. साथ ही बिहार सरकार के लिए जल परिवहन से जुड़े नियम बनाने में भी सहयोग करता है. यहां के लाइसेंस पूरे भारत में मान्य है और अन्य देशों में मान्यता के लिए प्रयास जारी हैं.

निनि आज अंतर्देशीय जलमार्गों में रोजगार के लिए युवाओं को सुनहरा अवसर दे रहा है.