BIHAR NEWS : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ऊंचे स्थानों पर बने पक्के आश्रय स्थल - मंत्री रत्नेश सादा
पटना: बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बनाए जा रहे बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण ऊंचे स्थान पर किया जाए ताकि भविष्य में जल-जमाव के साथ दूसरी किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग के पदाधिकारी निर्माणाधीन आश्रय स्थलों का जांच करा लें. सादा ने उक्त बातें मंगलवार को आपदा प्रबंधन विभाग में अपना पदभार ग्रहण करने के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय पदाधिकारियों से कही.
मंत्री ने कहा कि मैं पहली बार आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित हुआ हूं. विभाग में कार्यभार मिलने पर जो खुशी और गर्व महसूस कर रहा हूं,उसे शब्दों में बताना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के रूप में सेवा का जो मौका मिला है,उसे पूर्ण संवेदना और कर्त्तव्यनिष्ठा के साथ पूरा किया जाएगा.
मंत्री ने कहा कि बिहार की भौगोलिक परिस्थिति ऐसी है कि यहां बाढ़,सुखाड़,भूकंप,अग्निकांड,आकाशीय बिजली आदि आपदाएं अक्सर आती रहती हैं. इन परिस्थितियों में विभाग का दायित्व केवल राहत का वितरण तक सीमित न होकर मानव जीवन की रक्षा और जिम्मेदारी के निर्धारण तक समाहित है. उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि विभाग ने पिछले वर्षों में जो कार्य किए, इसमें कई तकनीक पक्षों को शामिल किया गया, जिससे हजारों लोगों की जीवन की रक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ. विभागीय कामकाज काफी सराहनीय रहा.
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए नवपदस्थापित प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों व कर्मियों के अनुभवों का लाभ उठाकर आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी लक्ष्य को पूरा किया जाएगा. आपदा की स्थिति से निपटने,समाज में जान-माल की क्षति में कमी लाने के लिए हमें एक परिवार के रूप में कार्य करने की जरूरत है. उन्होंने बाढ़, सुखाड़,अग्निकांड के साथ स्थानीय आपदाओं से निपटने की दिशा में पूरी तैयारी के साथ समय से रिस्पांस देने का आह्वान किया. कहा कि आपदा से होने वाले नुकसान में कमी लाने के लिए टीम वर्क के रूप में लोगों को जागरूक करना होगा.
इस अवसर पर संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय मंत्री और प्रधान सचिव को आपदा प्रबंधन संबंधी योजनाओं से अवगत कराया. उन्होंने विभागीय गतिविधि के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित जिला-आबादी, भूकंप, सुखाड़, अग्निकांड, शीतलहर, पाला, गर्म हवा, लू, डूबने से मौत, सर्पदंश आदि की घटनाओं और इसमें किए जाने वाले राहत कार्यों से रूबरू कराया. मौके पर समादेष्टा, एसडीआरएफ, विभागीय संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी व अविनाश कुमार, सहायक निदेशक (सूचना एवं जन-सम्पर्क) समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे .