BIHAR NEWS : गयाजी के रामशिला और प्रेतशिला पहाड़ों पर रोपवे बनाने की अपील,हाईकोर्ट में याचिका दायर

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पटना: बिहार में गया जी और बोधगया का अंतर्राष्ट्रीय, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्त्व देशभर में जाना जाता हैं. यह विश्व के दो बड़े धर्मों,हिन्दु और बौद्ध धर्म का केंद्रस्थल है. बिहार राज्य का बेहद की महत्वपूर्ण जिलागयाजी में ना सिर्फ हिंदू धर्म का धार्मिक महत्त्व है, बल्कि हिंदू धर्म के लोग देश-विदेश से अपने पूर्वजों और पितरों के मोक्ष के लिए पिंडदान करने आते हैं.इसी सन्दर्भ में गयाजी के रामशिला और प्रेतशिला पहाड़ों पर रोपवे बनाने के लिए पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी है.

जनहित याचिका राजीव रंजन सिंह ने दायर की है. याचिकाकर्ता ने इस जनहित याचिका में ये कहा है कि गयाजी हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है.यहां हर वर्ष पूरे विश्व से अपने पूर्वजों के मोक्ष प्राप्ति कराने के लिए पिंडदान करने बड़ी तादाद में आते हैं. लेकिन, इन पहाड़ियों पर जाना तीर्थ यात्रियों के लिए दुष्कर और कठिन कार्य होता है.रामशिला पहाड़ी पर चढ़ने के लिए 376 सीढ़ियां और प्रेतशिला पहाड़ी पर चढ़ने के लिए 676 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है. इन सीढ़ियों पर सभी तीर्थयात्री नहीं चढ़ सकते हैं, इसलिए रोपवे का शीघ्र निर्माण किया जाना आवश्यक है.इन पहाड़ियों पर रोपवे की सुविधा मिल जाये तो तीर्थयात्रियों को इन पहाड़ियों पर पहुंचना सुगम हो जायेगा और वे आसानी से धार्मिक कृत्य कर सकेंगे.

इस रोपवे की आवश्यकता काफी पहले से की जा रही थी. इस रोपवे के निर्माण के लिए पहले भी मांग की जाती रही है. जनहित याचिका में ये कहा गया हैं कि जो लोग यहां आते हैं उन्हें इन पर्वतों पर जाने में विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

याचिकाकर्ता राजीव रंजन सिंह अपनी जनहित याचिका में अनुरोध किया है कि समय सीमा के भीतर इन पहाड़ियों पर रोपवे का निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाये,ताकि गयाजी आने वाले श्रद्धालु इन सुविधा का लाभ उठा सके.पटना हाईकोर्ट में दायर करने से पूर्व इस मामले को लेकर बिहार सरकार के पर्यटन सचिव को अभ्यावेदन दिया गया था.इस सन्दर्भ में गयाजी के जिलाधिकारी को भी 21 जनवरी 2026 को एक अभ्यावेदन दिया गया था. लेकिन, इस सम्बन्ध में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकले.

जब इन प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो इस जनहित याचिका को पटना हाईकोर्ट के समक्ष दायर किया गया. इस जनहित याचिका की पटना हाईकोर्ट में शीघ्र सुनवाई होने की संभावना है.