BIHAR NEWS : पटना हाईकोर्ट में MDM खाने से छात्रों के तबीयत खराब होने के मामले पर हुई सुनवाई
Patna :पटना हाईकोर्ट में सहरसा जिले के महषि प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय,बलुआहा में मिड डे मील खाने के बाद 150 से भी अधिक छात्रों के तबीयत खराब होने पर आज पुनः सुनवाई हुई. जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने इस गम्भीर मामले पर स्वयं संज्ञान लेते हुए सुनवाई की. कोर्ट बिहार सरकार के निर्देशक,एमडीएम/पीएम पोषण द्वारा दायर जबाब से सन्तुष्ट नहीं था.
कोर्ट ने उन्हें सभी सम्बन्धित पक्षों व अधिकारियों से विचार विमर्श कर पुनः हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने भागलपुर स्थित आरएफएसएल के निर्देशक को पार्टी बनाने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि 189 स्कूली छात्रों का जीवन मिड डे मिल खाने से खतरे में पडा,लेकिन आरएसएफएल,भागलपुर ने फूड सैंपल का जांच नहीं किया. कोर्ट ने निर्देशक,आरएसएफएल,भागलपुर को आन लाइन अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया.
बिहार सरकार का पक्ष प्रस्तुत कर रहे अधिवक्ता अमीर कुमार ने निर्देशक,आरएसएफएल,भागलपुर के लिए नोटिस स्वीकार किया. उन्होंने बताया कि 21 मई,2026 को इस सन्दर्भ में पत्र निर्देशक,आरएसएफएल,भागलपुर को भेजा था.
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एस पी,सहरसा को पिछली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. भागलपुर के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री को कोर्ट ने कहा था कि जो भी सैंपल जांच के लिए लम्बित है,उनका रिपोर्ट जल्द दे.
आज एसपी,सहरसा ने कोर्ट को बताया कि इस केस के आईओ ने सैंपल जांच के लिए भेजने में देर कर दिया. उन्हें निलम्बित कर दिया गया है. कोर्ट ने उन्हें जांच और कार्रवाई का ब्यौरा अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया.
कोर्ट को बताया कि महषि प्रखंड में 68 स्कूलों में विद्यालय शिक्षा समिति के द्वारा किचन की व्यवस्था की गयी है,जबकि 58 स्कूलों में एजेंसी के माध्यम से किचन चलाया जाता है.
कोर्ट ने सहरसा के खाद्य आपूर्ति अधिकारी व खाद्य विश्लेषक,अगमकुआं को पिछली सुनवाई में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. साथ ही सम्बन्धित एनजीओ को पार्टी बनाने को कहा था.
कोर्ट ने भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति,बलुआहा चौक, ,Lahour को भी पार्टी बनाने का निर्देश दिया था.
जिलाधिकारी,सहरसा ने बताया था कि 189 बच्चों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. ठीक होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिया गया. 68795 स्कूल मध्याह्न भोजन की योजना चलायी जा रही है. यह योजना क्लास एक से लेकर क्लास आठ तक के लिए ये योजना है.
इस स्कूल में डेढ सौ से भी अधिक बच्चों ने मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गये. उन्होंने पेट दर्द,उल्टी,चक्कर आने की शिकायत की. उन्हें स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया. करीब सौ से अधिक बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया.
स्थानीय लोगों ने बताया कि मिड डे मील में सांप का बच्चा या कोई जहरीला कीड़ा पड गया था. इसी भोजन को करने से बच्चों का तबीयत बिगड़ गई.
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भोजन के सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री भिजवाया. साथ ही प्रशासन ने जिम्मेदार हेडमास्टर को निलंबित किया था. साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराया गया था.
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अमीष कुमार ने कोर्ट के समक्ष तथ्यों को प्रस्तुत किया. इस मामले पर अगली सुनवाई 18 जून ,2026 को होगी.