BIHAR NEWS : विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए नई नियमावली लागू
पटना:बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद नई नियुक्ति नियमावली लागू कर दी गई है। "स्टैच्यूट्स फॉर अपॉइंटमेंट ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसर, इनकॉरपोरेटिंग कॉलेजेज एंड असिस्टेंट प्रोफेसर, 2026" के तहत अब सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी।
नई नियमावली में कई बदलाव
नई नियमावली के अनुसार चयन प्रक्रिया में 175 अंकों की लिखित परीक्षा और 25 अंकों का इंटरव्यू शामिल होगा। लिखित परीक्षा तीन घंटे की होगी, जबकि इंटरव्यू में अभ्यर्थियों के शिक्षण कौशल, विषय ज्ञान और बोर्ड के साथ संवाद क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षण प्रदर्शन की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य कर दी गई है।
अभ्यर्थियों के लिएस्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य
नियमावली के तहत अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर (मास्टर) डिग्री अनिवार्य होगी। एससी, एसटी, ईबीसी, बीसी, दिव्यांग और अन्य आरक्षित वर्गों को नियमानुसार अंकों में छूट मिलेगी। यूजीसी के प्रावधानों के अनुरूप पीएचडी धारकों को नेट (NET) की अनिवार्यता से छूट दी गई है।
नई व्यवस्था में अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष निर्धारित
नई व्यवस्था में अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे पहले जारी प्रारूप में यह सीमा 40 वर्ष रखी गई थी, जिसे बढ़ाकर 43 वर्ष किया गया है। पीएचडी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दो बाहरी परीक्षक शोध कार्य का मूल्यांकन करेंगे।
नई नियमावली पूरे राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रभावी
इधर,राज्य कैबिनेट ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की कार्य संचालन नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी दी है। अब आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त इंटरव्यू बोर्ड गठित किए जा सकेंगे, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आएगी और बड़ी संख्या में रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ होगा। नई नियमावली एक जुलाई से पूरे राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रभावी मानी जाएगी।