BIHAR NEWS : 56वें स्थापना दिवस पर बीडी कॉलेज का बड़ा ऐलान, शुरु होंगे AI और EWM कोर्स
पटना : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने मंगलवार को कहा कि बीडी कॉलेज ने कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. जल्द ही कॉलेज की पहचान राष्ट्रीय स्तर की होगी. प्रो. उपेंद्र बापू टावर और बीडी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कॉलेज की 56वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कॉलेज में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की. कुलपति ने इस उपलब्धि का पूरा श्रेय कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रत्ना के नेतृत्व को दिया.
कॉलेज को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य
इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रत्ना अमृत ने कहा कि बापू टावर सभागार में स्थापना दिवस मनाना अपने आप में प्रेरणादायी है. महात्मा गांधी के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि आप वह परिवर्तन बनिए जो आप संसार में देखना चाहते हैं. महाविद्यालय का भी यही संकल्प और सामूहिक ध्येय है. प्रो. रत्ना ने बताया कि पदभार ग्रहण करते समय इस कॉलेज को पटना के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों की श्रेणी में स्थापित करने का संकल्प लिया था और इस लक्ष्य की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है. उन्होंने घोषणा की कि नए सत्र से कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ईडब्ल्यूएम का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान और कौशल प्राप्त होगा.
समारोह में कॉलेज की शोध पत्रिका ज्योति शिखा और समाचार पत्रिका आकाशदीप का लोकार्पण किया गया. विशिष्ट अतिथि प्रो. राणा सिंह (सीआईएमपी) ने कहा कि प्राचार्या प्रो. रत्ना अमृत यथा नाम व गुण की कहावत को चरितार्थ करती हैं. उनके नेतृत्व में कॉलेज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अबू बकर रिजवी ने स्थापना दिवस को संस्थान की आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि बताते हुए दोनों पत्रिकाओं के प्रकाशन को महत्वपूर्ण पहल बताया.
शोध पत्रिका ज्योति शिखा के संपादक डॉ. अमित कुमार ने प्रकाशन की सफलता का श्रेय प्राचार्या को देते हुए कहा कि फ्रंट से नेतृत्व करने वाला मार्गदर्शन कार्यों को सहज बनाता है. वहीं समाचार पत्रिका आकाशदीप के संपादक डॉ. यादव गुंजन रामराज ने संपादक मंडल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे कॉलेज के लिए नई शुरुआत बताया. समारोह में एनएसएस और एनसीसी के छात्र-छात्राओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक उत्तरदायित्व, हरित पहल और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की भी सराहना की गई.