Bihar News : शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगी रोक, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
पटना: बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन से जुड़े सरप्लस ट्रांसफर मामले में पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने मामले में फिलहाल यथास्थिति यानी ‘Status Quo’ बनाए रखने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद अब जो शिक्षक जिस स्थान या विद्यालय में कार्यरत हैं, वे फिलहाल वहीं बने रहेंगे। इससे सरप्लस सूची और संभावित स्थानांतरण को लेकर असमंजस में चल रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकलपीठ ने शिक्षक स्थानांतरण से संबंधित CWJC संख्या 12326/2026 पर सुनवाई करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होने तक वर्तमान व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाए। यानी सरकार की ओर से चल रही सरप्लस ट्रांसफर प्रक्रिया पर फिलहाल प्रभावी रूप से रोक रहेगी।
मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार सिंह ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि सरप्लस के नाम पर की जा रही स्थानांतरण प्रक्रिया में कई विसंगतियां हैं। इसके कारण शिक्षकों को मानसिक परेशानी के साथ-साथ व्यावहारिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों के पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल प्रक्रिया पर रोक लगाने के समान ‘Status Quo’ बनाए रखने का आदेश दिया। अदालत के इस फैसले से राज्य के उन हजारों शिक्षकों को राहत मिली है, जो सरप्लस सूची और संभावित तबादले को लेकर चिंतित थे।
अब शिक्षा विभाग को हाईकोर्ट के निर्देश के अनुरूप आगे की कार्रवाई करनी होगी। मामले में सरकार का पक्ष और अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। तब तक शिक्षकों की वर्तमान पदस्थापना में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षकों की नजर अब मामले की अगली सुनवाई पर है।