BIHAR NEWS : रूस से ब्राज़ील तक के पक्षी पटना में! जानिए कहां उमड़ा है विदेशी मेहमानों का जमावड़ा

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पटना : ठंड बढ़ने के साथ ही राजधानी पटना के मुख्य सचिवालय के पास मौजूद यह राजधानी जलाशय एक बार फिर से प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है. इस बार ठंड के मौसम में तामपान इनके अनुकूल होने की वजह से यहां पक्षियों का जमघट देखने को मिल रहा है. जल से लबालब इस जलाशय में हजारों प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के कलरव सुने जा सकते हैं. इससे यह पूरा इलाका जीवंत और आकर्षक बन गया है. खासकर सुबह और शाम के समय पक्षियों की चहचहाहट और उड़ान के मनोहारी दृश्य लोगों को अपनी तरफ सहसा ही खींच रहे हैं.

सुबह-शाम गूंज रहा कलरव

इस बार शुरू से ही अच्छी ठंड पड़ने के कारण इस राजधानी जलाशय में इस वर्ष लगभग 4 से 5 हजार प्रवासी पक्षियों की उपस्थिति रही. पर्याप्त जलस्तर,स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता ने दूर-दराज के देशों से आने वाले पक्षियों को यहां आकर्षित किया है. जलाशय के चारों ओर फैली हरियाली और शांत वातावरण इन पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है.

यहां दिखने वाले प्रमुख प्रवासी पक्षियों में कांब डक,लालसर,गडवाल,कूट,पिनटेल,लेसर विसलिंग डक सहित कई प्रजातियां शामिल हैं. इनके अलावा स्थानीय पक्षियों जैसे हाउस क्रो,कॉमन मैना,एशियन कोयल,स्पॉटेड डव और कॉलर्ड डव की भी अच्छी संख्या देखी जा रही है. इन पक्षियों का सामूहिक कलरव जलाशय की सुंदरता को और अधिक बढ़ा रहा है.

ब्राज़ील से रूस तक के पक्षी पटना में

विशेष बात यह है कि राजधानी जलाशय में आने वाले कई पक्षी उत्तरी अमेरिका,दक्षिणी अमेरिका,ब्राजील,ईरान,अफगानिस्तान,रूस,चीन,तिब्बत और नॉर्थ यूरोप जैसे दूर-दराज के देशों से हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं.

क्यों बना राजधानी जलाशय पसंदीदा ठिकाना

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशय में पर्याप्त जलस्तर और बेहतर प्रबंधन प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण है. जल की उपलब्धता से यहां जलीय वनस्पतियां और कीट-पतंगे पनपते हैं,जो पक्षियों के लिए भोजन के प्रमुख स्रोत होते हैं. साथ ही मानवीय हस्तक्षेप में कमी और अपेक्षाकृत शांत माहौल भी इन्हें यहां ठहरने के लिए प्रेरित करता है.

राजधानी जलाशय इन दिनों प्राकृतिक प्रेमियों, मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है. लोग दूरबीन और कैमरों के साथ पक्षियों को निहारते नजर आ रहे हैं. यह दृश्य न केवल राजधानी की सुंदरता को बढ़ा रहा है, बल्कि जैव विविधता संरक्षण का संदेश भी दे रहा है.