BIHAR NEWS : आंदोलनरत छात्रों की मांगे माने सरकार! घायल छात्रों से मिले CPI(M) के छात्र- युवा नेता
पटना : आंदोलनरत छात्र मांगे पूरी नहीं होने पर जब सड़कों पर आए तो सम्राट सरकार की पुलिस ने पहले वॉटर कैनन का प्रयोग किया फिर लाठीचार्ज जिसमें कई छात्र घायल हो गये हैं. यही चरित्र है वर्तमान सरकार की जिसकी सी पी आई (एम) घोर निंदा करता है.
प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सी पी आई (एम) के राज्य सचिव ललन चौधरी ने उक्त आशय पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि आंदोलनकरी छात्रों की मांगों की चर्चा करते हुए कहा कि -- सहायक प्राध्यापक की बहाली में यूजीसी रेगुलेशन 2018 टेबल 3Aको लागू करना, सहायक प्राध्यापक हेतु अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 55 करना, बिहार की विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक बहाली को अस्थाई करना, सहायक प्राध्यापक बहाली में डोमिनेशन नीति को लागू करना, बिहार के विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के स्वायत्तता का हनन बंद करना आदि सभी मांगे पूरी तरह छात्रहित में और जनतांत्रिक मांगे हैं जिसे सम्राट सरकार को अविलंब मानकर तुरंत आंदोलन को समाप्त करना चाहिए. पर उल्टे शक्ति और गिरफ्तारी पर उतर आई है ये सरकार. लगभग दो दर्जन छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया है. जो देर रात्रि रिहा किया गया!
आज सीपीएम राज्य सचिव मंडल सदस्य एवं डीवाईएफआई के केंद्रीय कमिटी सदस्य मनोज कुमार चंद्रवंशी और एसएफआई के राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी पीएमसीएच जाकर घायल छात्र गौतम आनंद और छात्रा भाग्य भारती से मिला तथा उनके हालचाल जाना! घायल छात्रों को अस्पताल में अच्छी स्वास्थ्य सेवा एवं घायल को मुआवजा तथा दोषी पुलिसकर्मी को बर्खास्त करने की मांग सरकार से की है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-