BIHAR NEWS : 24 अप्रैल फ्लोर टेस्ट से पहले सम्राट चौधरी की पहली बड़ी परीक्षा, विधानसभा में बहुमत साबित करने की चुनौती
पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है,क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 24 अप्रैल को विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी पहली और सबसे अहम राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है. इस फ्लोर टेस्ट के जरिए यह साफ हो जाएगा कि नई सरकार के पास बहुमत का मजबूत आंकड़ा है या नहीं.
वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार एनडीए गठबंधन को करीब 202 विधायकों का समर्थन प्राप्त है,जिससे विश्वासमत हासिल करना महज औपचारिकता माना जा रहा है. हालांकि,राजनीति में आखिरी समय तक समीकरण बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में सभी की नजरें इस फ्लोर टेस्ट पर टिकी हुई हैं.
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात भी की,जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं,खासकर सत्ता संतुलन और गठबंधन की मजबूती को लेकर.
विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए सरकार को साधारण बहुमत की जरूरत होती है,यानी कुल मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों में आधे से अधिक का समर्थन. अगर सरकार यह आंकड़ा पार कर लेती है,तो उसकी स्थिति मजबूत मानी जाती है. वहीं,असफल होने की स्थिति में सरकार को इस्तीफा देना पड़ सकता है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में सरकार के लिए बहुमत साबित करना मुश्किल नहीं दिखता,लेकिन विपक्ष इस मौके को सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है. बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह फ्लोर टेस्ट बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट