BIHAR NEWS : बिहार में जल्द लागू होगी नई कोचिंग पॉलिसी, फीस से लेकर पढ़ाई के समय तक बनेंगे सख्त नियम
पटना: बिहार सरकार राज्य में कोचिंग संस्थानों को नियमित और जवाबदेह बनाने के लिए जल्द ही नई कोचिंग पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है. शिक्षा विभाग इस दिशा में काम कर रहा है और इसके लिए राजस्थान की कोचिंग पॉलिसी का अध्ययन किया जा रहा है. नई व्यवस्था के तहत कोचिंग संस्थानों की निगरानी के लिए एक नियंत्रण एवं विनियमन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा.
प्रस्तावित पॉलिसी के अनुसार,कोई भी कोचिंग संस्थान छात्रों से पूरे साल की फीस एकमुश्त नहीं ले सकेगा. विद्यार्थियों को किस्तों में फीस जमा करने का विकल्प देना होगा. साथ ही,कोर्स के दौरान फीस बढ़ाने की अनुमति भी नहीं होगी. यदि कोई छात्र बीच में कोर्स छोड़ देता है तो संस्थान को शेष फीस के साथ हॉस्टल और मेस की बची हुई राशि भी वापस करनी होगी.
पॉलिसी में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई की अवधि पर भी सीमा तय करने की तैयारी है. किसी भी कोचिंग संस्थान में प्रतिदिन पांच घंटे से अधिक पढ़ाई नहीं कराई जा सकेगी. सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश देना होगा और छुट्टी के अगले दिन टेस्ट लेने की अनुमति नहीं होगी.
छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए प्रत्येक कोचिंग संस्थान में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की नियुक्ति भी अनिवार्य करने का प्रस्ताव है,ताकि विद्यार्थियों को समय-समय पर परामर्श मिल सके. इसके अलावा,छात्रों की प्रतिभा के आधार पर अलग-अलग बैच बनाने पर भी रोक लगाने की तैयारी है.
सरकार शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और भीड़ को देखते हुए बड़े कोचिंग संस्थानों को शहर से बाहर स्थापित करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है. नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर दो लाख से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. नई कोचिंग पॉलिसी का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना,पारदर्शिता बढ़ाना और कोचिंग संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--