BIHAR NEWS : खास विद्याओं में प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों के प्रदर्शन पर मंत्री संजय सिंह टाइगर ने जताई नाराजगी
पटना : युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री संजय सिंह टाइगर ने खास विद्याओं में (डोमेन स्किल्लिंग) में प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों के कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने इन संस्थानों के असंतोषजनक प्रदर्शन पर नाराजगी जताई. साथ ही इन्हें मिशन मोड में अगले 15 दिनों में दुरुस्त करने का आदेश भी दिया है. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से जुड़े सभी 16 विभागों में बिहार कौशल विकास मिशन से प्रतिनियुक्त पदाधिकारी राज्य कार्ययोजना पर शीघ्र अनुमोदन प्राप्त कर भावी रणनीति तैयार करें. ताकि प्रशिक्षण निर्बाध रूप से संचालित हो और युवाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण मिल सके.
विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन के सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विभागीय मंत्री संजय सिंह टाइगर ने शुक्रवार को गहन समीक्षा की. इस मैराथन समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर, अपर सचिव हेमंत कुमार सिंह, विभागीय मंत्री के आप्त सचिव वरुण कुमार सिंह, मिशन निदेशक मनीष शंकर सहित मिशन से संबधित पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे. समीक्षा के दौरान कुछ खामियां भी सामने आई हैं. विभागीय मंत्री ने इन कमियों पर नाराज़गी जताते हुए इसमें तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं.
मंत्री ने सात निश्चय में शामिल कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जहां भी ये केंद्र ठीक से संचालित नहीं हो रहे हैं, उसकी मान्यता रद्द की जाए. इसके लिए उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कर शासी परिषद के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सिंह ने यह भी निदेशित किया कि जिला कौशल प्रबंधक और नोडल पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर समीक्षा कर त्वरित कारवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही, एक से अधिक कौशल विकास केंद्रों के संचालन करने वालों संचालकों की विशेष मॉनिटरिंग की जाए तथा राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के माध्यम से भी सभी प्रशिक्षण संस्थानों की निरंतर मॉनिटरिंग और फिल्ड वेरिफिकेशन सुनिश्चित की जाए. मंत्री ने दोहराया कि बिहार के युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा और कौशल विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अगर इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाएगी तो कौशल विकास केंद्रों व संस्थानों का पंजीकरण रद्द करने के साथ नियमानुकूल कार्रवाई भी की जाएगी.