BIHAR NEWS : दूसरे चरण में अब तक 74,434 किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री, कृषि मंत्री ने अभियान की गति बढ़ाने का किया आह्वान
पटना: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन के लिए रवाना होने से पूर्व कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे मिशन मोड में अभी तक 74434 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हुई है. उन्होंने अधिकारियों से रजिस्ट्रेशन की गति बढ़ाने और लक्ष्य को हासिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग तथा कृषि विभाग के पदाधिकारी पूर्व की भांति उत्साह के साथ इस गति को अंजाम दें.
कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन में आमंत्रण के लिए उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद दिया. इस सम्मेलन में ओडिशा के मुख्यमंत्री के अलावा बिहार,छतीसगढ,झारखंड,ओडिसा और पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है.
विजय सिन्हा ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री होने के नाते कृषि विभाग को सहयोग करते हुए जनवरी माह में 06 जनवरी से 11 जनवरी के बीच प्रथम मिशन मोड में 10 लाख 14 हजार 981 किसानों का फार्मर आई॰डी॰ बनवाया,दूसरे चरण में 17 जनवरी से 21 जनवरी के बीच 7 लाख 15 हजार 96 फार्मर आई॰डी॰ तैयार करवाया. फरवरी माह में 02 फरवरी से 11 फरवरी के बीच तीसरे मिशन मोड में 10 लाख 37 हजार 283 फार्मर आई॰डी॰ तैयार करवाया गया. राज्य में अभी तक 48 लाख 57 हजार किसानों का फार्मर आई॰डी॰ अभी तक तैयार कराया जा चुका है.
मंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में 12 मई से फार्मर रजिस्ट्री का अभियान शुरू हुआ है और आज 18 मई तक 74,434 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है. उन्होंने अपील की कि इस अभियान की गति को दोनों विभाग मिलकर आगे बढ़ायें.
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए और जमीन की समस्या को खत्म करने के लिए यह आवश्यक है कि पूर्व की भांति फार्मर रजिस्ट्री की गति तेज की जाये और यह गति तभी तेज होगी,जब भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग तथा कृषि विभाग के अधिकारी समन्वय बनाकर संयुक्त रूप से इसके लिए कार्य करें और इसे प्राथमिकता के आधार पर अंजाम दें.
विजय सिन्हा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने जनसमस्या के अंबार से निदान के लिए सोमवार और शुक्रवार को जनता दरबार लगाने की शुरूआत की थी. वह अच्छा पहल था. उसी तरह से वर्तमान मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सहयोग शिविर कार्यक्रम की शुरूआत की है. इस शिविर के माध्यम से किसानों के परिमार्जन और म्यूटेशन के कार्य को प्राथमिकता मिलेगी और फार्मर रजिस्ट्री को गति मिलेगी.
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह गति इसलिए भी आवश्यक है कि इससे किसानों को केन्द्र और राज्य के अनुदान का ससमय लाभ मिल सकेगा. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी,भ्रष्टाचार रूकेगा,किसान की परेशानी कम होगी,जमीन विवाद खत्म होगा और मुकदमों की संख्या में कमी आयेगी.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं कृषोन्नति योजना आदि के अंतर्गत किसानों को केन्द्र सरकार अनुदान मुहैया कराती है. फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा हो जाने पर भारत सरकार की ओर से राज्य सरकार को 1000 करोड़ रूपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हो सकेगी.
मंत्री ने कहा कि उन्होंने भूमि एवं राजस्व सुधार मंत्री के नाते इस अभियान की शुरूआत करवाई थी,भूमि एवं राजस्व सुधार और कृषि विभाग ने मिलकर यह अभियान चलाया था,इसमें भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग की बड़ी भूमिका है. जब तक परिमार्जन और म्यूटेशन का काम पूरा नहीं होगा,तब तक फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को गति नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि इस बार मई-जून तक हमारा लक्ष्य 86.36 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने की है.
उन्होंने उम्मीद जताई की इसे पूरा करने के लिए सहयोग शिविर में इसे प्राथमिकता मिलेगी ताकि बिहारियों की जमीन विवाद की समस्या खत्म हो और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को अनुदान का लाभ मिल सके.
मंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की कई अनुदान योजनाएँ जैसे पी॰एम॰ किसान सम्मान निधि योजना फार्मर रजिस्ट्री से ही आसान होगा.