बिहार में शराबबंदी पर बड़ा रिपोर्ट कार्ड जारी : दस साल में रिकॉर्ड कार्रवाई, लाखों गिरफ्तारी और करोड़ों लीटर शराब बरामद
पटना: बिहार में मद्यनिषेध नीति के सफल क्रियान्वयन को लेकर मद्यनिषेध,उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 से 31 मार्च 2026 तक राज्य में शराबबंदी कानून के तहत कुल 11,37,731 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से 5,60,639 मामले मद्यनिषेध विभाग और 5,77,092 मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए गए. इस दौरान कुल 17,18,058 लोगों को गिरफ्तार किया गया,जो सरकार की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है.
कार्रवाई के दौरान कुल 4,83,20,249 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है,जिसमें देशी और विदेशी दोनों शामिल हैं. खास बात यह है कि जब्त की गई शराब में से लगभग 98 प्रतिशत यानी 4.73 करोड़ लीटर का विनष्टीकरण किया जा चुका है. राज्यभर में 84 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं,जिनमें 67 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट शामिल हैं. सभी चेकपोस्ट पर सीसीटीवी और हैंडहेल्ड स्कैनर के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है.
इसके अलावा,अवैध शराब के खिलाफ ड्रोन,मोटरबोट,स्निफर डॉग और ब्रेथ एनालाइजर जैसे आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. ड्रोन के जरिए 1.64 लाख से अधिक छापेमारी की गई,जबकि जलमार्गों में मोटरबोट से 80 हजार से अधिक रेड डाले गए.
वाहन जब्ती के मामले में भी बड़ी कार्रवाई हुई है. कुल 1,67,447 वाहनों को जब्त किया गया,जिनमें से 80 हजार से अधिक वाहनों की नीलामी कर करीब 357 करोड़ रुपये की वसूली की गई.
इसके साथ ही,मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना के तहत हजारों परिवारों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया गया है. इस योजना के जरिए 45,994 परिवारों को लगभग 195.50 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है,जिससे उन्हें नई आजीविका के अवसर मिले हैं.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--