बिहार में अपराधियों का बनेगा डिजिटल डाटा बैंक : CID की बड़ी तैयारी, 28 जिलों में 50 यूनिट सक्रिय, जेलों में ट्रेनिंग शुरु
पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. राज्य में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए अब अपराधियों का डिजिटल डाटा तैयार करने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है. इसको लेकरCIDके एडीजी पारसनाथ ने अहम जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि राज्य के 28 जिलों में 50 विशेष यूनिट उपलब्ध कराए गए हैं,जिनके माध्यम से अपराधियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा.
CIDकी ओर से फिलहाल संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को तकनीकी ट्रेनिंग दी जा रही है. खास बात यह है कि इस ट्रेनिंग कार्यक्रम को जेलों के अंदर भी संचालित किया जा रहा है,ताकि अपराधियों से जुड़े डाटा को व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जा सके. अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डाटा बैंक बनने से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा और जांच एजेंसियों को कार्रवाई में तेजी मिलेगी.
एडीजी पारसनाथ ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत अपराधियों का आपराधिक इतिहास,गतिविधियां,नेटवर्क और अन्य जरूरी जानकारियां एकीकृत रूप से सुरक्षित रखी जाएंगी. इससे राज्य में अपराध नियंत्रण की रणनीति और मजबूत होगी. बिहार पुलिस औरCIDअब तकनीक के जरिए अपराधियों पर निगरानी बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.
सरकार का मानना है कि डिजिटल निगरानी और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को पूरे राज्य में और विस्तार देने की तैयारी भी की जा रही है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--