BIG BREAKING : शराबबंदी पर मंत्री मदन साहनी का बड़ा बयान, बोले-पुलिस का नहीं मिल रहाअपेक्षित सहयोग
पटना: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के 10 वर्ष पूरे होने के बावजूद इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चुनौतियां बनी हुई है. मद्य निषेध,उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन साहनी ने कशिश न्यूज़ से कहा कि कानून को पूरी तरह सफल बनाने में पुलिस प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है.
उन्होंने माना कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी अब भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस उद्देश्य से शराबबंदी लागू की थी,उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में अब उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है.
विभाग आधुनिक स्कैनिंग और डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग करेगा,जिससे वाहनों के गुप्त हिस्सों में छिपाकर ले जाई जा रही शराब का आसानी से पता लगाया जा सकेगा. अधिकारियों का मानना है कि तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर शराब की खेप राज्य में पहुंचाने का प्रयास करते हैं,ऐसे में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तस्करी रोकने में कारगर साबित होगी.
इसके साथ ही विभाग अवैध शराब कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है. ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई तेज की जाएगी. विभाग का मानना है कि शराब माफियाओं के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त किए बिना तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है.
मदन साहनी ने बताया कि शराबबंदी कानून की समीक्षा के लिए नियमित बैठकें की जा रही हैं. इन बैठकों में पुलिस विभाग के अलावा रेलवे प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों को भी शामिल किया जा रहा है,ताकि राज्य में शराब की तस्करी के सभी संभावित रास्तों पर निगरानी रखी जा सके.
उन्होंने कहा कि पुलिस सहयोग बढ़ाने के लिए डीजीपी को पत्र लिखा जाएगा,ताकि शराबबंदी कानून को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-