BIG BREAKING : बिहार में पुस्तकालयाध्यक्षों के तबादले का रास्ता साफ, नई नियमावली में कई अहम प्रावधान
पटना: बिहार सरकार ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण और पदस्थापन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य शिक्षक स्थानान्तरण नियमावली,2026 में संशोधन करते हुए पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं.

नई व्यवस्था के तहत बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली,2023 के अंतर्गत सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों को स्थानांतरण की प्रक्रिया में शामिल किया गया है. इनका स्थानांतरण और पदस्थापन संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी की देखरेख में होगा.

पुस्तकालयाध्यक्षों का सामान्य,स्वैच्छिक,पारस्परिक और प्रशासनिक स्थानांतरण विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा. एक ही विद्यालय या पद के लिए कई आवेदन आने पर सेवा अवधि,पदस्थापन स्थल और विशेष परिस्थितियों के आधार पर वरीयता अंक निर्धारित किए जाएंगे. गंभीर बीमारी,दिव्यांगता,महिला और एकल अभिभावक जैसे मामलों को भी प्राथमिकता अंक में शामिल किया जाएगा.
नई नियमावली में पारस्परिक स्थानांतरण का भी प्रावधान किया गया है. दो पुस्तकालयाध्यक्ष आपसी सहमति से विभागीय पोर्टल के माध्यम से पारस्परिक तबादले का लाभ ले सकेंगे.
महिला पुस्तकालयाध्यक्षों को उनके अनुरोध पर गृह प्रखंड के अंतर्गत गृह पंचायत को छोड़कर पदस्थापन का अवसर दिया जाएगा. वहीं,पुरुष पुस्तकालयाध्यक्षों को गृह जिला के अंतर्गत गृह प्रखंड को छोड़कर अथवा अन्य जिले में उपलब्ध रिक्ति के आधार पर पदस्थापन दिया जा सकेगा. हालांकि,सभी मामलों में विद्यालय की आवश्यकता और उपलब्ध रिक्ति को ध्यान में रखा जाएगा.
वित्तीय अनियमितता,अनुशासनहीनता,पुस्तकालय संचालन में लापरवाही या अमर्यादित व्यवहार की शिकायत प्रमाणित होने पर प्रशासनिक या अनुशासनिक आधार पर भी स्थानांतरण किया जा सकेगा. कार्रवाई से पहले संबंधित पुस्तकालयाध्यक्ष को सात कार्य दिवसों में अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा.
जिला स्थापना समिति के निर्णय से असंतुष्ट पुस्तकालयाध्यक्ष 15 दिनों के भीतर प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील कर सकेंगे. राज्य स्थापना समिति के निर्णय के खिलाफ सचिव, शिक्षा विभाग के समक्ष अपील का प्रावधान किया गया है.