Hindi News / सम्राट कैबिनेट की बैठक में 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर, भोजपुर में बनेगा...

BIG BREAKING : सम्राट कैबिनेट की बैठक में 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर, भोजपुर में बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क

Edited By:  |
big breaking

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक बुधवार को संपन्न हुई. पटना स्थित सचिवालय में हुई बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी है.

कैबिनेट की बैठक में बिहार सरकार ने मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है.

यह परियोजना केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)के गैर-लाभुक अवयव के तहत स्थापित की जाएगी.

सरकार के अनुसार,एक्वा पार्क बनने से राज्य में मत्स्य उत्पादन,प्रसंस्करण,व्यापार,वैज्ञानिक मत्स्य पालन तकनीक का प्रशिक्षण और आधुनिक अवसंरचना का विकास होगा. इससे मत्स्य किसानों और मछुआरों को नए अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से18.72करोड़ रुपये और राज्य सरकार की ओर से12.48करोड़ रुपये का अंशदान दिया जाएगा. कुल31.20करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना को वर्ष2026-27के लिए मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त हो गई है.

सरकार का दावा है कि इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और बिहार के मत्स्य क्षेत्र को नई गति मिलेगी.

वहीं मधुबनी में83.25करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिली है. बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने मधुबनी जिले के राजनगर रेलवे स्टेशन के समीप परिहरपुर में50,000मीट्रिक टन क्षमता वाले अनाज भंडारण साइलो निर्माण परियोजना को मंजूरी दी है.

मेसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक (मधुबनी) प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृति मिली है.

कुल निजी पूंजी निवेश:83.25करोड़ रुपये

50,000 MTक्षमता का आधुनिक साइलो बनेगा

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2016के तहत मंजूरी

परियोजना से109लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा

राजनगर रेलवे स्टेशन के निकट इकाई विकसित होगी.

उद्योग विभाग ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया.

बिहार में कृषि भंडारण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष योजना में बड़ी राहत

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज के लिए अनुदान पाने की वार्षिक आय सीमा2.50लाख से बढ़ाकर4लाख कर दी है.

इस फैसले से राज्य के अधिक से अधिक मरीजों को योजना का लाभ मिल सकेगा और गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता प्राप्त होगी.

स्वास्थ्य विभाग ने प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी है.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--