BIG BREAKING : SLBC की बैठक में वित्त मंत्री ने दी चेतावनी, बोले-बिहार के बैंकों की शिकायत पीएम मोदी से करेंगे
पटना: बिहार में बैंकों की ऋण वितरण व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC)की बैठक में उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादवने बैंकों के प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद ऋण वितरण में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बैंक अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं लाते हैं तो इस मामले की शिकायत सीधे प्रधानमंत्रीNarendra Modiसे की जाएगी. उनके अनुसार राज्य के विकास,रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है.
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD)रेशियो मात्र 58.68 प्रतिशत रहा,जो संतोषजनक नहीं माना जा रहा है. वहीं 3.36 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक साख लक्ष्य के मुकाबले केवल 2.84 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया,जो लक्ष्य का लगभग 84.71 प्रतिशत है. इन आंकड़ों को देखते हुए सरकार ने बैंकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की.
बैठक में विकास आयुक्तMihir Kumar Singhने भी कन्वेनर बैंकState Bank of India (SBI)के प्रदर्शन पर असंतोष जताया और कहा कि लगातार समीक्षा के बावजूद कोई उल्लेखनीय सुधार दिखाई नहीं दे रहा है. कृषि क्षेत्र में ऋण उपलब्धि 68.03 प्रतिशत तथा एमएसएमई क्षेत्र में 84.26 प्रतिशत रही.
आंकड़ों के अनुसार वाणिज्यिक बैंकों का सीडी रेशियो 55.33 प्रतिशत रहा,जबकि सहकारी बैंकों ने 168.78 प्रतिशत का बेहतर प्रदर्शन किया. लघु वित्तीय बैंकों का साख-जमा अनुपात 200 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया. बैठक के दौरान किसानों की सुविधा के लिए बिहार कृषि ऋण पोर्टल का भी लोकार्पण किया गया. सरकार ने बैंक अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि ऋण वितरण में सुधार नहीं हुआ तो आगे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--