बालश्रम उन्मूलन को लेकर कार्यशाला : सम्राट चौधरी ने कहा-बाल श्रम सामाजिक अभिशाप, इसे जड़ से खत्म करने हेतु मिलकर करना होगा काम
पटना: दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान,पटना में बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग,पटना की ओर से बाल श्रम की रोकथाम के लिए किए जा रहे वर्तमान प्रयासों,बाल श्रम उन्मूलन,विमुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधिवत उद्घाटन किया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल श्रम सामाजिक अभिशाप है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए सरकार,प्रशासन और समाज—तीनों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को शिक्षा,सुरक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा बालश्रम के विरुद्ध चल रहे अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा.
कार्यशाला में बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पदाधिकारियों ने राज्य में बालश्रम की वर्तमान स्थिति,बचाव एवं विमुक्ति की प्रक्रिया,पुनर्वास योजनाओं तथा कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी. वक्ताओं ने बताया कि रेस्क्यू के बाद बच्चों का पुनर्वास,शिक्षा से जोड़ना और परिवार को आर्थिक सहयोग देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.
कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग,समाज कल्याण विभाग,शिक्षा विभाग,जिला प्रशासन,स्वयंसेवी संगठनों एवं विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और बाल श्रम उन्मूलन को लेकर समन्वित रणनीति पर चर्चा की. प्रतिभागियों ने जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने,निगरानी तंत्र को मजबूत करने और पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया.
कार्यशाला के समापन सत्र में यह संकल्प लिया गया कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान को निरंतर सख्त और परिणामोन्मुखी बनाया जाएगा ताकि राज्य में हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके.
पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--