Hindi News / झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनाव लड़ने पर पक्ष-विपक्ष में बयानबाजी तेज

असम चुनाव को लेकर सियासत : झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनाव लड़ने पर पक्ष-विपक्ष में बयानबाजी तेज

Edited By:  |
assam chunaw ko lekar siyasat

रांची:असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है. असम चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनाव लड़ने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में बयानबाजी जारी है.प्रदेश BJP ने बड़ा हमला बोला है. प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम चुनाव में जाकर आदिवासियों को हक दिलाने की बात कर रहे हैं, लेकिन झारखंड में आदिवासियों के कल्याण के लिए उनकी सरकार ने क्या काम किया है वह सबके सामने हैं. BJP का कहना है कि झारखंड में आदिवासी समाज अभी भी पिछड़ा है और सरकार को उनके विकास के लिए जितना कम करना चाहिए था वह नहीं किया गया है. ऐसे में असम में जाकर आदिवासी कल्याण की बात करना बेमानी है.

असम की जनता JMM को देगी समर्थन

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि असम में झारखंड के मुख्यमंत्री झारखंड हेमंत सोरेन आदिवासियों को हक दिलाने की बात कर रहे हैं तो BJP को यह नीति पच नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि BJP द्वारा हेमंत सरकार पर आदिवासियों के लिए झारखंड में कुछ नहीं किए जाने का आरोप पूरी तरह गलत है. मनोज पांडे ने दावा किया है कि जिस प्रकार झारखंड में लोगों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा को अपना पूरा समर्थन दिया. इसी प्रकार असम में भी वहां की जनता अपना समर्थन देगी.इसका पता सबको चुनाव परिणाम के बाद चल जाएगा उन्होंने कहा कि सरना धर्म को आगे बढ़ाने के लिए हेमंत सरकार संकल्पित है, लेकिन केंद्र की सरकार से सपोर्ट नहीं मिलने के कारण विकास का काम बाधित है.

'केंद्र सरकार नेआदिवासियों का नहीं चाहती विकास'

झारखंड कांग्रेस ने भी असम चुनाव को लेकर बड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने BJPके आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरना धर्म विकास का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, लेकिन केंद्र सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में रख दिया है. जिसके कारण राज्य में जितना आदिवासियों का विकास होना चाहिए केंद्र सरकार की रवैया के कारण उनके विकास का काम नहीं हो पा रहा है,लेकिन सरकार अपने स्तर पर हर हाल में आदिवासी हित के लिए काम करने में लगी हुई है.