अरवल में बनेगा अलग न्यायमंडल : बिहार सरकार ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश पद की स्थापना को स्वीकृति
पटना:बिहार सरकार ने अरवल जिले में अलग न्यायमंडल यानी फुल-फ्लेज्ड जजशिप की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही अरवल में प्रधान न्यायाधीश,परिवार न्यायालय के पद की स्थापना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत,प्रभावी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने हेतु लगातार काम कर रही है. अरवल में अलग न्यायमंडल की स्थापना से जिले की न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
सरकार के इस फैसले से अरवल जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी. मामलों की सुनवाई के लिए दूसरे जिलों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है. साथ ही परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश का पद स्वीकृत होने से पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई और निपटारे की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी.
सरकार का मानना है कि न्यायिक संस्थानों के विस्तार से आम नागरिकों को समय पर और आसानी से न्याय मिल सकेगा. अरवल में पूर्ण न्यायमंडल की स्थापना को जिले में न्यायिक बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-