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विश्व साइकिल दिवस : लोहरदगा में निकली गई जागरूकता रैली,पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

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लोहरदगा:विश्वभर में आज साइकिल दिवस मनाया जा रहा है. इस अवसर पर मंगलवार को शहर में पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर साइकिल रैली निकाली गई. इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव की उपस्थिति में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण,स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया. कार्यक्रम की शुरुआत गुदरी बाजार से की गई.जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग एकत्रित हुए. रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.

प्रतिभागियों ने आम लोगों को किया जागरूक

इस दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों वाले पोस्टर एवं स्लोगन के माध्यम से आम लोगों को जागरूक किया. “साइकिल अपनाओ, पर्यावरण बचाओ” “स्वस्थ जीवन का है आधार, साइकिल चलाना बार-बार” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा.

दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर

नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है. बढ़ते प्रदूषण और बदलते जलवायु संकट को देखते हुए लोगों को पर्यावरण के प्रति गंभीर होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है,बल्कि यह प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उन्होंने विद्यार्थियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी समाज में बदलाव लाने की सबसे बड़ी ताकत है. ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों और युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा दें.

प्रदूषण मुक्त समाज निर्माण का संदेश

रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने भी साइकिल चलाकर लोगों को फिट रहने और प्रदूषण मुक्त समाज निर्माण का संदेश दिया. प्रतिभागियों ने कहा कि साइकिल चलाने से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है साथ ही यह आर्थिक रूप से भी किफायती साधन है.

रैली ने पूरे शहरवासियों को किया जागरूक

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर आयोजित इस रैली ने पूरे शहर में जागरूकता का संदेश फैलाने का काम किया. कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.