वैशाली के मोहनपुर कन्या विद्यालय में हंगामा : ग्रामीणों ने प्राचार्या पर गलत आचरण और धमकी देने का लगाया आरोप, ट्रांसफर करने की मांग की

Edited By:  |
vaishali ke mohanpur kanya vidyalaya mai hangama

वैशाली : जिले के बिदूपुर प्रखंड स्थित मोहनपुर कन्या पाठशाला में कार्यरत प्राचार्या पर गंभीर आरोप लगा है. प्रिंसिपल अनुपा सिन्हा के रवैये से परेशान छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया.

प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल ड्यूटी के दौरान सोती रहती हैं और स्थानीय लोगों पर गलत आचरण का आरोप लगाकर फंसाने की धमकी देती हैं.

स्थानीय निवासी धर्मवीर कुमार ने प्रिंसिपल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह स्कूल के पास से गुजरने वाले लोगों पर गलत आचरण का आरोप लगाकर उन्हें फंसाना चाहती हैं. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी प्रिंसिपल ने एक व्यक्ति की बाइक और मोबाइल पुलिस से पकड़वा दिए थे. उस व्यक्ति का कसूर सिर्फ इतना था कि वह स्कूल के पास खड़े होकर अपने परिवार के सदस्य का इंतजार कर रहा था.

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब कोई व्यक्ति हाई स्कूल के पास सैलून में दाढ़ी बनवाने आता है,तो प्रिंसिपल उस पर गलत निगाह से देखने का आरोप लगाकर उसका फोटो-वीडियो बना लेती हैं. इसके अतिरिक्त,विधानसभा चुनाव से पहले मेंटेनेंस के लिए आए ग्रांट पर बिना काम कराए ही महिलाओं से हस्ताक्षर करवा लिए गए थे. महिलाओं ने बताया कि उन्हें बिना ₹500 दिए हस्ताक्षर करवाए गए थे. ग्रामीणों ने इस ₹500 के स्रोत की जांच की मांग की है.

आक्रोशित लोगों ने प्रधान शिक्षिका अनुपा सिन्हा को तत्काल स्थानांतरित कर उनकी जगह किसी दूसरे शिक्षक को नियुक्त करने की मांग की. उन्होंने प्रिंसिपल के आचरण को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए नारेबाजी भी की. घटना की सूचना मिलने पर वीरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत करने का प्रयास किया.

प्रधान शिक्षिका अनुपा सिन्हा पिछले छह महीने से स्कूल में कार्यरत हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जब से उन्होंने कार्यभार संभाला है, तब से उनके आचरण से बच्चे और स्थानीय लोग त्रस्त हैं. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षिका अनुपा सिन्हा बच्चों से पैर दबवाती हैं, उन्हें ठीक से पढ़ाती नहीं हैं और स्कूल के अन्य शिक्षकों पर एक-दूसरे के संपर्क में रहने का आरोप लगाकर बच्चों को गुमराह करती हैं.