टीबी मुक्त भारत अभियान : बिहार ने 18 दिनों में हासिल की 226% स्क्रीनिंग उपलब्धि,मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
पटना: बिहार स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित‘टीबी मुक्त भारत अभियान’के तहत राज्य में 2 जुलाई से 19 जुलाई 2026 के बीच बड़े पैमाने पर टीबी स्क्रीनिंग और निदान की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान राज्य स्तरीय प्रगति रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें बिहार ने निर्धारित 18 दिनों के लक्ष्य के मुकाबले 226% की अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए कुल 95.32 लाख (95,32,242) लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की है।
अभियान की मुख्य उपलब्धियां (2 जुलाई–19 जुलाई 2026)
* स्क्रीनिंग एवं नामांकन : 95,32,242 लोगों का निक्षय पोर्टल पर नामांकन।
* एक्स-रे जांच : संवेदनशील आबादी में 3,14,764 एक्स-रे किए गए।
* NAAT परीक्षण : 58,255 व्यक्तियों की NAAT जांच की गई, जिसमें बिहार में कुल माइक्रोबायोलॉजी परीक्षणों में NAAT का प्रतिशत 83% रहा।
* टीबी मरीज सूचकांक : 8,537 टीबी रोगियों को चिह्नित कर निक्षय पोर्टल पर दर्ज किया गया।
* विभेदित टीबी देखभाल : 5,759 रोगियों (67%) का मूल्यांकन कर विशेष देखभाल श्रेणी में लाया गया।
* टीबी रोकथाम उपचार : 19,123 घरेलू संपर्कों को TPT दवा शुरू कराई गई।
* पोषण एवं निक्षय मित्र: 9,679 फूड बास्केट (पोषण किट) बांटे गए और निक्षय पोषण योजना (NPY) के तहत 43,398 लाभार्थियों के खाते में राशि (DBT) स्थानांतरित की गई।
जिलावार प्रदर्शन:
1. स्क्रीनिंग में अव्वल जिले: औरंगाबाद (532%), सहरसा (523%), खगड़िया (506%), अरवल (484%), और सारण (472%) ने 18 दिनों के निर्धारित लक्ष्य से कई गुना बेहतर प्रदर्शन किया।
2. पिछड़ने वाले जिले: अरारिया (73%), सीतामढ़ी (97%), मुंगेर (102%), और गया (103%) जैसे जिलों को स्क्रीनिंग में तेजी लाने की चेतावनी दी गई है।
समीक्षा बैठक के उपरांत मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों एवं जिला स्वास्थ्य समितियों (DHS) को निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश एवं निर्देश जारी किए:
1. सहयोग कोष खाता अनिवार्य: सभी जिला स्वास्थ्य समितियां (DHS) निक्षय मित्रों से मिलने वाले दान एवं कोष प्रबंधन के लिए ‘टीबी मुक्त भारत अभियान – सहयोग कोष’ (Sahayog Kosh) के तहत अविलंब खाता खोलना सुनिश्चित करें।
2. 100% निक्षय पोर्टल एंट्री: स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, और पोषण वितरण से जुड़ी हर गतिविधि की शत-प्रतिशत प्रविष्टि निक्षय (Ni-kshay) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से हो।
3. उत्तरवर्ती गतिविधियों पर फोकस: जिन जिलों ने 100% स्क्रीनिंग का लक्ष्य पा लिया है, वे अब एक्स-रे जांच, NAAT टेस्टिंग, और TPT (टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट) की रफ्तार बढ़ाएं।
4. हैंडहेल्ड (HH) एक्स-रे मशीनों को पूर्ण क्रियाशील बनाएं:
* राज्य में उपलब्ध 168 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों में से 141 में AI इनेबल हो चुका है।
* मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि शेष बचे लाइसेंस जल्द से जल्द जारी किए जाएं और 81 उपलब्ध एक्स-रे तकनीशियनों की सहायता से सभी मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो।
5. दवाओं की उपलब्धता: राज्य औषधि भंडार (Patna & Darbhanga) से जिलों को भेजी गई TPT दवाओं (6 लाख 3HP टैबलेट) तथा CBNAAT कार्ट्रिज व TrueNAT चिप्स का समुचित वितरण और उपयोग सुनिश्चित किया जाए।