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बुजुर्ग के खाते में पूरा सरकारी खजाना आया ! : 1000 निकालने के बाद बची राशि गिनता रह गया सी.एस.पी. संचालक

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The CSP operator kept counting the remaining amount after withdrawing 1,000

शिव कुमार की उमर बीत गई लेकिन जीवन में कभी 100 नोटो वाली गड्डी सपने में भी हाथ में आई हो ये याद नहीं। लेकिन शुक्रवार डिजिटल इंडिया का शिव कुमार ने वो कमाल देखा जो मरते दम तक नहीं भूलेंगे। सुबह घर से नास्ता पानी कर ई – रिक्शा चलाने निकलने वाले शिव कुमार रात भूखे पेट न सोना पड़े इसके लिए दिन भर मेहनत करते। उम्र आराम की मांग करता पर पेट समझाता आराम हराम है, काम कर, दाम मिलेगा तो रोटी दाल का इंतजाम होगा। बस दाल रोटी के लिए दिन भर की मशक्कत थी, और न उससे ज्यादा की जरूरत बची थी, न उससे ज्यादा की चाह रखने की हिम्मत बची थी।

गिनती याद करनी पड़ी !

थोड़ी राहत सीएम सम्राट चौधरी के वादे से मिला था कि हर महीने की 10 तारीख को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में उनकी पेंशन राशी आ जाएगी। शिव कुमार के मोबाइल पर भी शुक्रवार को खाते में वृद्धावस्था पेंशन की राशी आने का मेसेज आया। थोड़ी राहत और थोड़ी उम्मीद के साथ अगले दिन यानि शनिवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बागेश्वरी स्थित सी.एस.पी केंद्र पहुंचे और जरूरत के अनुसार 1000 रूपये की निकासी की, जिसकी जानकारी फौरन उनके खाते से लिंक मोबाइल नम्बर पर पहुंच गई। सी.एस.पी संचालक ने चेक किया और चौंक गया। मोबाइल पर आया मेसेज बता रहा था कि शिव कुमार के खाते में 1000 रूपये निकालने के बाद इतनी राशी बची है, जितनी पढ़ने के लिए संचालक को इकाई, दहाई, सैकड़ा, हजार, दस हजार, करोड़, दस करोड़, अरब तक की गिनती याद करनी पड़ी।

बैलेंस देख उड़ गए तोते !

गया जी शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र के बागेश्वरी मोहल्ले निवासी ई-रिक्शा चालक शिव कुमार पटेल भी हैरान परेशान। सी.एस.पी संचालक के चेहरे पर उनका मोबाइल देखने के बाद भूत देख भक्क मार देने वाले हाव-भाव देख शिव कुमार भी एक बार को भयभीत हो गए। आखिर मोबाइल में आए मेसेज में ऐसा क्या था जो सी.एस.पी संचालक को सांप सूंघ गया। शिव कुमार ने फौरन मोबाइल लेकर देखा तो वो भी भक्क रह गए। हजार रूपये निकालने के बाद बचत के कुछ सौ हजार ही खाते में होने चाहिए थे, लेकिन मेसेज बता रहा कि खाते में इतना पैसा है, जितना सोचना तो दूर जोड़ कर पढ़ समझ पाना भी उसके बस का नहीं।

निरहुआ रिक्शावाला भी फिसड्डी!

अब किसी के खाते में 7,596,951,951.16 क्या आप एक बार में समझ गए, कितनी राशी दिख रही है। 759 करोड़ 69 लाख 51 लाख 951 रुपये और 16 पैसे शेष जमा राशि खाते में दिखे तो खोपड़ी खुजलाते रह जाए एक आम आदमी। शिव कुमार भी हैरान होने से ज्यादा परेशान हो गए। बात जंगल की आग की तरह फैल गई। परिचित अरबपति रिक्शे वाला बताने लगे। कोई निरहुआ को शिव कुमार के सामने पानी कम बताने लगा, कोई पार्टी देने की बात। इन सब से अलग परेशान शिव कुमार ने सम्पर्क किया बैंक के मैनेजर से।

शिव पटेल ने बताया कि उन्होंने पड़ोसी की मदद से बैंक की स्टेशन रोड शाखा के प्रबंधक से फोन पर संपर्क किया। बैंक प्रबंधक ने उन्हें किसी भी प्रकार का लेनदेन न करने और मोबाइल में कोई छेड़छाड़ न करने की सलाह दी। मामला शनिवार का था और दूसरा शनिवार होने के बाद रविवार को भी बैंक बंद रहता है तो मैनेजन ने उन्हें सोमवार को शाखा में आकर मिलने को कहा।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि खाते में इतनी बड़ी राशि कैसे आ गई। किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण या बैंक के स्तर पर कोई चूक हुई है। इसका पता तो सोमवार को ही चलेगा। तबतक आप सोचिए और बताई इतनी राशी आपके खाते में आ जाती है तो आप कहां कहां कैसे किस काम के लिए खर्च करेंगे।

रिपोर्ट गया जी से प्रदीप, आलेख – दीपक शर्मा