सम्राट सरकार का फैसला : विभिन्न शहरों में करीब 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की पहल,जानिए पूरी प्रक्रिया
पटना: बिहार सरकार राज्य के प्रमुख शहरों के आस-पास आधुनिक सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत यदि कोई रैयत अपनी जमीन सरकार को देना चाहता है, तो वह अब बिहार राज्य आवास बोर्ड के पास आवेदन कर सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद संबंधित रैयत को 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और रैयतों के हितों के अनुरूप बनाना है।
किसी भी किसान या भू-स्वामी पर जमीन देने का नहीं बनेगा दबाव
आवास बोर्ड ने बताया है कि जमीन लेने की पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी। किसी भी किसान या भू-स्वामी पर जमीन देने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। इच्छुक रैयत आवेदन देने के बाद अपनी जमीन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज जमा करेंगे। इसके बाद भूमि का सत्यापन, मूल्यांकन और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय समय सीमा के भीतर सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की गई है।
लोगों को मिल सकेंगी बेहतर आवासीय सुविधाएं
सरकार की योजना राज्य के विभिन्न शहरों में करीब 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की है। इन टाउनशिप में आधुनिक सड़कें, पेयजल, सीवरेज, पार्क, स्कूल, अस्पताल, व्यावसायिक क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
सरकार की पहल बिहार में सुनियोजित शहरीकरण को नई दिशा देगी
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में रैयत इस योजना में रुचि दिखा चुके हैं और कई लोगों ने अपनी जमीन देने की सहमति भी दी है। सरकार का मानना है कि यह पहल बिहार में सुनियोजित शहरीकरण को नई दिशा देगी। समयबद्ध भुगतान, पारदर्शी प्रक्रिया और स्वैच्छिक भागीदारी के कारण इस योजना से रैयतों का विश्वास भी बढ़ेगा और भविष्य में आधुनिक शहरों के विकास का रास्ता और मजबूत होगा।