सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा फैसला : 11 शहरों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक, सैटेलाइट टाउनशिप से बदलेगा शहरी विकास मॉडल
पटना: बिहार में नई सरकार ने शहरी विकास को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हुई पहली कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के 11 प्रमुख शहरों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. यह फैसला किसी संकट के कारण नहीं,बल्कि एक बड़े मास्टर प्लान के तहत लिया गया है,जिसका उद्देश्य सुनियोजित शहरीकरण सुनिश्चित करना है.
सरकार ने इन शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है. इसके तहत पहले से चिह्नित क्षेत्रों में बिना योजना के निर्माण और अव्यवस्थित बसावट को रोकना जरूरी माना गया है. यही वजह है कि टाउनशिप क्षेत्र में फिलहाल जमीन की रजिस्ट्री और भवन निर्माण पर रोक लागू की गई है. अधिकारियों के अनुसार यह प्रतिबंध पूरे शहर पर नहीं,बल्कि केवल उन्हीं सीमित इलाकों में लागू होगा जहां टाउनशिप विकसित की जानी है.
इस योजना के तहत पटना,गया,दरभंगा,सहरसा,पूर्णिया,मुंगेर और सोनपुर जैसे शहर शामिल हैं,जहां 31 मार्च 2027 तक रोक लागू रहेगी. वहीं मुजफ्फरपुर,छपरा,भागलपुर और सीतामढ़ी में यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगा.
सरकार का दावा है कि इस मास्टर प्लान से शहरों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. नई टाउनशिप में चौड़ी सड़कें,बेहतर ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम,ट्रैफिक मैनेजमेंट,पार्क और ओपन स्पेस जैसे आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा. साथ ही रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन किया जाएगा,जिससे अव्यवस्थित शहरीकरण पर रोक लगेगी.
इसके अलावा पटना को टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है. कैबिनेट ने रिसर्च पार्क और इनक्यूबेशन सेंटर के लिए करोड़ों रुपये की मंजूरी दी है,जहां आने वाले समय में कई स्टार्टअप और टेक कंपनियां स्थापित की जाएंगी.
कुल मिलाकर,यह फैसला अल्पकालिक असुविधा जरूर पैदा कर सकता है,लेकिन सरकार इसे दीर्घकालिक विकास और स्मार्ट शहरी ढांचे की दिशा में बड़ा कदम मान रही है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--