परशुराम जयंती : भगवान परशुराम शक्ति, तप, त्याग और धर्म के अद्भुत प्रतीक हैं-डॉ. प्रेम कुमार
पटना: बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है. उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम शक्ति, तप, त्याग और धर्म के अद्भुत प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है. उनका जीवन अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है.
डॉ.प्रेम कुमार ने भगवान परशुराम के बारे में बताया कि जन्म महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था. जन्म से ब्राह्मण होते हुए भी उनके कर्म एक महान क्षत्रिय योद्धा के समान थे. उनके हाथ में धारण किया गया परशु (कुल्हाड़ी) उनके अदम्य साहस और न्यायप्रियता का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध अपना जीवन समर्पित किया तथा अत्याचारी शासकों का विनाश कर समाज में न्याय की स्थापना की. उनका जीवन यह संदेश देता है कि शक्ति का उपयोग सदैव धर्म और न्याय के लिए होना चाहिए.
अध्यक्ष ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि महान गुरु भी थे. उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा देकर उन्हें श्रेष्ठ बनाया. उनका ज्ञान, तपस्या और अनुशासन उन्हें अद्वितीय बनाते हैं.
डॉ.प्रेम कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है,तब भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे सत्य और धर्म के मार्ग पर चलें, अन्याय और भ्रष्टाचार का विरोध करें तथा समाज में सद्भाव और एकता को बढ़ावा दें.
अंत में उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके आदर्शों का अनुसरण कर एक सशक्त एवं समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है.