PMCH मामला : सरकारी अंगरक्षक के बयान से खुला राज,मंत्री के दौरे के दिन क्लिनिक में थे पूर्व प्रिंसिपल
पटना:पीएमसीएच (PMCH) के पूर्व प्रिंसिपल डॉ.नरेंद्र प्रताप सिंह के निजी क्लिनिक में उपस्थिति रहने के बारे में उनके सरकारी अंगरक्षक ने पूरी जानकारी दी है. जिसके बाद जांच का आधार बदल गया है. जांच की जानकारी विस्तार से मिलने के बाद डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के बयान की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए है.
पूर्व प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के साथ प्रतिनियुक्त सरकारी अंगरक्षक ने 23 जून के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उस दिन स्वास्थ्य मंत्री पीएमसीएच में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहुंचे थे, वे पूर्व प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के साथ ड्यूटी पर थे.
सरकारी अंगरक्षक संजीत कुमार ने बताया कि वह डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के साथ प्राचार्य पीएमसीएच के सरकारी अंगरक्षक के रूप में तैनात किए गए है.
मंगलवार, 23 जून को हुई घटना की पूरी जानकारी देते हुए संजीत कुमार ने बताया कि रोजाना की तरह उस दिन भी सुबह 9:30 बजे डॉक्टर साहब के आवास सह क्लीनिक पर ड्यूटी के लिए पहुंच गया था. डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह सुबह 11:00 बजे अपने घर के ऊपरी हिस्से से नीचे क्लीनिक में आए. क्लीनिक में आने के बाद डॉक्टर साहब ने शाम 6:00 बजे तक लगातार मरीजों को देखा. उस दिन करीब 15 से 20 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे.
सुरक्षा गार्ड ने स्पष्ट किया कि सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम 6:30 बजे तक डॉक्टर साहब अपने क्लीनिक में ही मौजूद थे और पूरे समय वहीं बैठकर काम कर रहे थे, वे कहीं भी बाहर नहीं गए थे.
उल्लेखनीय है कि डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के मामले में उनके द्वारा मीडिया में दिए गए बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मामले की उच्च स्तरीय जांच करने का निर्णय लिया गया है. परंतु, सरकारी अंगरक्षक के बयान से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक जिस आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही थी वह सत्य साबित होता है. अब पूरे मामले में जांच कर आरोपी डॉक्टर से उनका पक्ष लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.