पटना में छात्रों के बवाल पर पुलिस का दावा : प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप से जुटाई गई भीड़
पटना: छात्रों के हालिया विरोध-प्रदर्शन को लेकर पुलिस और साइबर सेल की जांच में कई अहम दावे सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी तैयारी कई दिनों पहले से सुनियोजित तरीके से की जा रही थी। जांच में मिले शुरुआती इनपुट के अनुसार, प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप का व्यापक इस्तेमाल किया गया। इन ग्रुपों के माध्यम से छात्रों और अन्य लोगों को तय समय और स्थान पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर प्रसारित करने के लिए सैकड़ों कंटेंट क्रिएटर्स को भी हायर किया गया था। उनका काम प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित करना था। साइबर और आईटी सेल इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों को पहले से यह निर्देश दिया गया था कि यदि पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करे तो किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटना है। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्वों को भी शामिल किया गया था, जिनका उद्देश्य माहौल को तनावपूर्ण बनाना और उपद्रव फैलाना था।
पुलिस के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े विभिन्न संगठनों के अलावा कई कोचिंग संस्थानों के छात्रों को भी इस आंदोलन से जोड़ा गया। अब पुलिस पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया गतिविधियों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
हालांकि, ये सभी बातें पुलिस की जांच और उसके दावों पर आधारित हैं। मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।