पास आउट स्टूडेंट में आक्रोश : झारखंड मंत्रालय गेट से लौटाए गए कर्मी,नौकरी गंवाने वालों का छलका दर्द
रांची: सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बीते दिन कैबिनेट की बैठक हुई में JSSC-CGL भर्ती रद्द करने के निर्णय के बाद एक तरफ 24 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है तो दूसरी तस्वीर झारखंड मंत्रालय के बाहर की है. जहां कल तक नौकरी कर रहे JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों को अंदर जाने से रोक दिया गया. JSSC-CGL के तहत अलग-अलग पदों पर चयनित अभ्यर्थियों ने कशिश न्यूज से बात करते हुए कहा कि हमारी आजीविका इसी नौकरी पर निर्भर थी सीएम ने एक बार हमारा पक्ष लेना सही नहीं समझा और अपना फैसला सुना दिया.
आज झारखंड मंत्रालय का गेट उन अभ्यर्थियों के लिए बंद कर दिया गया जो JSSC-CGL के जरिए चयनित होकर नौकरी कर रहे थे.सुरक्षा व्यवस्था के तहत आईडी कार्ड की जांच की गई और JSSC-CGL के जरिए नौकरी कर रहे कर्मचारियों को गेट से ही वापस लौटा दिया गया. अचानक प्रवेश रोके जाने से कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई.
बताया जा रहा है कि इस फैसले से करीब दो हजार कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियुक्ति पाई और लंबे समय से अपने पदों पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं. परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी नौकरी और भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी नियुक्तियों को लेकर जल्द स्पष्ट निर्णय लिया जाए और उनके साथ ही न्याय किया जाए. वहीं, प्रोजेक्ट भवन में धरने के कारण प्रशासनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा.