पांडू पंचायत की मुखिया देश के लिए बनी प्रेरणा : प्रियंका सिंह को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष आमंत्रण
मेदिनीनगर: पलामू जिले के पांडू पंचायत की युवा मुखिया प्रियंका सिंह को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर यह आमंत्रण भेजा गया है. मुखिया प्रियंका सिंह के लिए यह क्षण गर्व और सम्मान से भरा हुआ है. प्रियंका सिंह झारखंड राज्य से पंचायती राज विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए इस ऐतिहासिक समारोह में भाग लेंगी.
महिला सशक्तिकरण को बढ़ाया
मुखिया प्रियंका सिंह का चयन पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए किया गया है. इस उपलब्धि पर मुखिया प्रियंका सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि सशक्त ग्राम पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और विकसित भारत की नींव हैं. यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पांडू पंचायत की उन सभी महिलाओं का है, जिन्होंने बदलाव की इस यात्रा में उनका साथ दिया. प्रियंका सिंह लगातार दूसरी बार पांडू पंचायत की मुखिया चुनी गई हैं. कार्यकाल की शुरुआत से ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी हैं. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती रही.
70 प्रतिशत महिलाओं को मिला रोजगार
महिला सशक्त पंचायत बनाने के संकल्प के साथ उन्होंने पंचायत को महिला फ्रेंडली स्वरूप दिया. मनरेगा योजना के तहत 60 से 70 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया. पंचायत क्षेत्र में शत-प्रतिशत बच्चियों का विद्यालय नामांकन सुनिश्चित किया गया. वहीं, दीदी बाड़ी योजना के माध्यम से महिलाएं सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने लगीं. जेएसएलपीएस के तहत 13 महिला समूहों का गठन कर महिलाओं को जागरूकता और स्वरोजगार से जोड़ा गया. साथ ही पंचायत में ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर पारदर्शिता और सहभागिता को बढ़ावा दिया गया. जल-नल योजना के तहत घर-घर पेयजल पहुंचाया गया. अब तक पंचायत क्षेत्र में लगभग 1700 आवासों का निर्माण हो चुका है.
उत्कृष्ट कार्यों के लिए पांडू पंचायत को सम्मानित
महिला सशक्त पंचायत के रूप में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पांडू पंचायत को वर्ष 2017 में मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया था. दिल्ली में महिला सशक्त पंचायत के लिए उन्हें विशेष अवॉर्ड भी प्रदान किया गया है. दिल्ली आमंत्रण को लेकर मुखिया प्रियंका सिंह भावुक हैं. उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर सामने से समारोह देखने का अवसर मिलना सपने के सच होने जैसा है. यह कहानी सिर्फ एक मुखिया की नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, संघर्ष और सशक्त भारत की जीवंत तस्वीर है.
पलामू से नीतेश की रिपोर्ट