नई दिल्ली : झारखंड सरकार के मंत्री ने राष्ट्रीय कार्यशाला में रखा सशक्त पक्ष,कहा-जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र से 6,270 करोड़ की राशि लंबित

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नई दिल्ली: आईसीआर–पूसा में केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा “National Workshop on Policy Dialogue on Operation & Maintenance (O&M) of Rural Water Supply Infrastructure” का आयोजन किया गया. इस एकदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में सभी राज्यों के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और पंचायत राज विभाग के मंत्रि एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया. वहीं, झारखंड सरकार की ओर से इस कार्यशाला में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेन्द्र प्रसाद, विभाग के अपर मुख्य सचिव मस्तराम मीणा एवं जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर रमेश घोलप ने भाग लिया.

कार्यशाला के दौरान मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत झारखंड राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए योजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने हेतु आवश्यक सहयोग पर अपना पक्ष रखा.कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत झारखंड राज्य में कुल 97,535 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से 62.53 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल जल कनेक्शन के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है। राज्य में अब तक 56,474 योजनाएँ भौतिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं और लगभग 55 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को एफएचटीसी से आच्छादित किया जा चुका है. पूर्ण योजनाओं में से 26,257 योजनाओं का हस्तांतरण ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर संचालन एवं रख-रखाव की व्यवस्था सुदृढ़ हुई है.

मंत्री योगेन्द्र प्रसाद महतो ने कहा कि झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन को जनसहभागिता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक स्थायित्व के साथ लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं सतत पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त करेंगे.

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी व्यापक एवं महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच वित्तीय सहयोग की निरंतरता अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार से झारखंड राज्य को लगभग ₹6,270 करोड़ की राशि अभी लंबित है. केंद्रीय अंश की इस लंबित राशि की उपलब्धता से शेष योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने, कार्यरत योजनाओं की निरंतरता बनाए रखने तथा संचालन एवं रख-रखाव व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी.

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालन एवं रख-रखाव व्यवस्था को व्यवहारिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड राज्य में जनसहभागिता को केंद्र में रखकर निरंतर संवाद की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जिला स्तर पर मुखियाओं, जल सहियाओं एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के साथ सीधा संवाद किया जा रहा है. विभाग के उच्च स्तरीय पदाधिकारी स्वयं जिलों में जाकर उनकी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों को सुन रहे हैं तथा संचालन एवं रख-रखाव नीति के प्रावधानों की जानकारी साझा कर रहे हैं.

योगेन्द्र प्रसाद महतो ने बताया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ जिलावार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं. इन बैठकों के माध्यम से योजनाओं की प्रगति, संचालन व्यवस्था एवं रख-रखाव से जुड़े मुद्दों पर समन्वय स्थापित किया जा रहा है.

मंत्री ने बताया कि झारखंड राज्य में एकल ग्रामीण जलापूर्ति की अधिकांश योजनाएं सोलर आधारित की गई हैं. यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ संचालन एवं रख-रखाव की लागत को भी कम करती है. सोलर आधारित प्रणालियों के कारण बिजली व्यय न्यूनतम हो जाता है. जिससे ग्राम स्तर पर योजनाओं की आर्थिक स्थिरता बनी रहती है और O&M नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलती है.

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु एक विशिष्ट निर्णय लिया गया है. राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से पांच वर्षों तक संचालन एवं रख-रखाव के लिए वित्तीय प्रावधान किया है, जिसके अंतर्गत योजना का निर्माण करने वाला संवेदक ही पाँच वर्षों तक उसका संचालन एवं रख-रखाव करेगा. यह व्यवस्था गुणवत्ता, जवाबदेही और सतत जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सभी राज्यों में लागू नहीं है.

इस राष्ट्रीय कार्यशाला में केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह), जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री वी. सोमन्ना सहित विभिन्न राज्यों के उपमुख्यमंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता और पंचायत राज विभाग के मंत्रिग एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.