Hindi News / क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने पर सीएम हेमंत गंभीर,महिला आरक्षण बिल पर केंद्र...

JTET EXAM : क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने पर सीएम हेमंत गंभीर,महिला आरक्षण बिल पर केंद्र पर बरसीं दीपिका पांडेय सिंह

Edited By:  |
jtet exam

रांची: झारखंड में जे-टेट परीक्षा को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस छिड़ गई है. क्षेत्रीय भाषाओं को जे-टेट में शामिल करने की मांग को लेकर सूबे की ग्रामीण विकासमंत्री दीपिका पांडेय सिंहने मुख्यमंत्रीहेमंत सोरेनसे मुलाकात की. मंत्री ने जे-टेट अभ्यर्थियों के पक्ष में सीएम से पहल की. लंबे समय से अभ्यर्थी स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं को परीक्षा में शामिल करने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें समान अवसर मिल सके.

सरकार गंभीर, जल्द होगा निर्णय

कशिश न्यूजसे बातचीत मेंदीपिका पांडेय सिंहने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इस पर सकारात्मक और उचित निर्णय लिया जाएगा. उनके इस बयान से जे-टेट अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है कि उनकी मांगों पर जल्द विचार हो सकता है.

महिला आरक्षण बिल पर केंद्र पर निशाना

वहीं,महिला आरक्षण बिलके मुद्दे पर उन्होंनेकेंद्र सरकारको घेरते हुए कहा कि 2023 में विपक्ष ने इस बिल का पूरा समर्थन किया था, लेकिन इसके बावजूद इसे लागू नहीं किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि यूपीए सरकार के समय भी महिला आरक्षण बिल राज्यसभा से पारित हुआ था, लेकिन एनडीए सरकार ने उसे लागू नहीं किया.

मंशा पर उठाए सवाल

मंत्रीदीपिका पांडेय सिंहने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए महिला आरक्षण का मुद्दा उठा रही है. उन्होंने सवाल उठाया है कि जब देश में जातीय जनगणना और सर्वेक्षण की बात चल रही है, तो ऐसे समय में अचानक महिला आरक्षण क्यों लाया गया, साथ ही उन्होंने 2011 की जनगणना को आधार बनाने पर भी सवाल खड़े किए.

महिलाओं को ‘मोहरा’ बनाने का आरोप

उन्होंने कहा कि अगर सरकार की मंशा साफ होती, तो 2023 में ही इस बिल को लागू कर दिया जाता, जिससे 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को सीधा लाभ मिलता. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए महिलाओं को सिर्फ एक राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और इसका लाभ सीमित वर्ग को ही मिलेगा.

रांची से संवाददाता राहुल कुमार पांडेय की रिपोर्ट