JHARKHAND NEWS : झारखंड का नया सियासी भूचाल: कैसे सुलग उठा जयराम महतो और पुलिस का विवाद?
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है! डुमरी विधायक और जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो तथा बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच का विवाद अब तूल पकड़ चुका है। फर्जी प्रमाण पत्र के आरोप से शुरू हुआ यह मामला अब थाने में हंगामा, पुलिस संगठनों की चेतावनी और एक वायरल ऑडियो तक पहुंच गया है।इस पूरे विवाद की शुरुआत हुई धनबाद के बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से। आरोप था कि उनके फर्जी पैड और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति और आवासीय प्रमाण पत्र बनाए गए। इस मामले में पुलिस ने जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिया, जिसके बाद विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंच गए।
थाने में माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब विधायक और पुलिस आमने-सामने आ गए। पुलिस का आरोप है कि भीड़ ने हंगामा किया, जबकि विधायक पक्ष ने आरोप लगाया कि थाने के भीतर उनके और उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई, और गला दबाने का प्रयास किया गया। इस हंगामे के बाद विधायक समेत कई लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया गया है।इस विवाद को सबसे ज्यादा हवा दी बरवाअड्डा थाना प्रभारी और विधायक जयराम महतो के बीच की एक कथित टेलीफोनिक बातचीत ने। थाना प्रभारी की शिकायत के मुताबिक, 22 अगस्त की रात विधायक ने उन्हें फोन किया और समर्थक की गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जताई। आरोप है कि बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, वर्दी उतरवाने की धमकी दी गई और सरकार बदलने पर देख लेने की बात कही गई।
दूसरी ओर, विधायक जयराम महतो ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ग्यारह मिनट की लंबी बातचीत में से चुनिंदा हिस्से को काटकर वायरल किया गया है, और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल कर छेड़छाड़ की गई है। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने खिलाफ एक साजिश करार दिया है और थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है।मामला अब सिर्फ विधायक और थाने तक सीमित नहीं रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही, 24 घंटे के भीतर माफी न मांगने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।